जासं, अलीगढ़ : विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग से जिले में नियुक्त सभी प्रेक्षकों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठक कर चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। इसमें डीएम ने सभी प्रेक्षकों को जिले की भौगोलिक स्थिति के बारे में जानकारी दी। डीएम ने बताया कि जिले में सात विधानसभा हैं। खैर विधानसभा हरियाणा सीमा से लगी हुई है। ऐसे में इस बार इसे संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। जिले में किसी भी विधानसभा में कानून व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है। सभी विधानसभाओं में मिश्रित आबादी निवासरत है। कोरोना को लेकर प्रशासन गंभीर है। संक्रमित मरीजों की तत्काल जांच कराई जा रही है। 75 फीसद टीकाकरण का काम पूरा कर लिया गया है। हेल्थ वर्कर एवं फ्रंटलाइन वर्कर को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए बूस्टर डोज लगाई जा रही है। 230 ट्रेनर्स के साथ मतदान कार्मिकों का प्रशिक्षण दो स्थानों पर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण अभियान में करीब 1.40 लाख नए मतदाताओं को जोड़ा गया है। सभी नए मतदाताओं के वोटर कार्ड प्रिट कर डाक विभाग को उपलब्ध करा दिए गए हैं। ईवीएम का प्रथम रेंडमाइजेशन हो गया है। धनीपुर मंडी से पोलिग पार्टियों को रवाना किया जाएगा। चुनाव में कोरोना का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सर्विस वोटर्स का डाटा पूरा कर लिया गया है। सभी विधानसभाओं में नामांकन के बाद एक बार फिर बल्र्नेबिलिटी का निर्धारण किया जाएगा। जिले में इस बार 60 फीसद बूथों की वेबकास्टिग कराने के लिए एक एजेंसी नामित कर दी गई है। प्रत्येक विधानसभा में पांच-पांच पिक बूथ बनाए जाने के साथ ही एक-एक दिव्यांगजन बूथ भी बनाया जा रहा है। निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव के लिए पुलिस बल के लिए स्थान का चिह्नांकन कर लिया गया है। आदर्श आचार संहिता का पालन किया जा रहा है। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि संवेदनशील बूथों को लेकर विशेष तैयारी की गई है। अपराधियों के खिलाफ जिला बदर व गैंगस्टर की कार्रवाई की जा रही है। 75 फीसद असलहा जमा हो चुके हैं। एमसीसी उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई हो रही है। रैली के लिए स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं। इस मौके पर सीडीओ अंकित खंडेलवाल, एडीएम डीपी पाल, विधान जायसवाल, राकेश कुमार पटेल समेत अन्य मौजूद रहे।

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