अलीगढ़ (जेएनएन) :  कांग्रेस नेता मोहम्मद फारूख की हत्या लूट में असफल होने पर की गई थी। पुलिस ने हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए भाजपा नेता अरुण फौजी के भतीजे समेत सभी छह आरोपितों को मुठभेड़ में रविवार को गिरफ्तार कर लिया। लूटी गई रिवाल्वर भी बरामद की। 

बाइक, कारतूस, खोखा और तमंचे हुए बरामद 

एसपी देहात मणिलाल पाटीदार ने मीडिया को बताया कि पकड़े आरोपितों में शेखर भारद्वाज निवासी राजीव नगर, क्वार्सी बाइपास, सोहिल निवासी जीवनगढ़, अनुराग यादव उर्फ अन्नू निवासी बसंत विहार कॉलोनी न्यू एटा चुंगी, प्रियेंद्र प्रताप सिंह निवासी खैर बाइपास बन्नादेवी, शाजेब निवासी नई बस्ती, बन्नादेवी व आमिर निवासी नगला मल्लाह, क्वार्सी शामिल हैं। एसपी ने बताया कि सभी आरोपित रविवार सुबह एएमयू के सोलर प्लांट के पास बाइकों से गुजर रहे थे। बदमाशों की तलाशी में जुटे इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमित कुमार, एसओजी प्रभारी छोटेलाल, सर्विलांस प्रभारी अभय कुमार शर्मा ने उन्हें टोका तो फायरिंग कर दी। पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को दबोच लिया। प्रियेंद्र प्रताप सिंह अरुण फौजी का भतीजा है। आरोपितों से तीन तमंचे, नौ कारतूस, खोखा व तीन बाइक बरामद हुई हैं। पूछताछ में उन्होंने कांग्रेस नेता की हत्या करना कबूल किया है। कांग्रेस नेता से लूटी गई रिवाल्वर भी बरामद हुई है।  

लूट का था इरादा 

एसपी देहात ने बताया कि गैंग का सरगना आमिर निवासी नगला मल्लाह, क्वार्सी है। आमिर को जानकारी थी कि कांग्रेस नेता फाइनेंस का काम करते हैं और हमेशा उनके पास मोटी रकम रहती है। त्योहारी सीजन होने पर फाइनेंस का काम जोरों पर रहता है। इस पर आमिर ने लूटपाट की योजना तैयार की। 

आमिर ने ही चलाई थी गोली 

वारदात के समय आमिर ने ही कांग्रेस नेता पर गोली चलाई थी और भागते समय उसे स्थानीय लोगों ने पकड़ भी लिया था, लेकिन साथियों ने फायरिंग करते हुए उसे छुड़ा लिया था। छीना-झपटी में हाथ से उसका तमंचा वहीं गिर गया था। 

जेल में हुई दोस्ती 

आमिर और अनुराग यादव की जेल में मुलाकात हुई थी। अनुराग एक माह पहले बुलंदशहर के किसान से हुई एक लाख लूट में जेल गया था, जबकि आमिर पड़ोसी की हत्या में जेल गया था। जमानत पर छूटने के बाद दोनों की दोस्ती और परवान चढ़ती गई। 

बहन की शादी को चाहिए थी रकम 

गैैंग सरगना आमिर पहले से ही लूट की वारदात में वांछित चल रहा था। उसे विश्वास था कि लूट की वारदात में उसे जेल जाना ही है। आमिर को बहन नसरीन की शादी करनी थी इसके लिए उसे मोटी रकम की जरूरत थी। कांग्रेस नेता उसके सॉफ्ट टारगेट में शामिल थे। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद भी उनके हाथ मोटी रकम नहीं लगी। 

Posted By: Sandeep Saxena

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