अलीगढ़ (जेएनएन)। भले ही इगलास उप चुनाव से राष्ट्रीय लोकदल का प्रत्याशी मैदान से बाहर हो गया हो, मगर भाजपा चुनाव को हलके में लेने के मूड में नहीं है। भाजपा ने प्रचार के लिए नेताओं को उतारने के लिए रणनीति बना ली है। चार मंडलों में बांटे इगलास क्षेत्र में बड़े नेता और जनप्रतिनिधि उतारे जाएंगे। पार्टी ने सर्वे कर लिया है कि किस क्षेत्र में किस मंत्री और जनप्रतिनिधि की पकड़ है, उसे वहां की जिम्मेदारी दी जाएगी। भाजपा 15 अक्टूबर तक क्षेत्र को मथकर रख देना चाहती है।

सियासी दलों ने कमर कसी

जाटलैंड के रूप में प्रसिद्ध इगलास विधानसभा सीट पर अब मुख्य रूप से भाजपा से राजकुमार सहयोगी, कांग्रेस से उमेश दिवाकर और बसपा से अभय कुमार बंटी मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला इन्हीं तीनों दलों में माना जा रहा है। भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री भवानी सिंह ने पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति तय की कि मंडल वाइज प्रचार किया जाएगा। भाजपा की इगलास में चार मंडल इकाइयां हैं। अलग-अलग मंडलों में कौन-सा समीकरण बन रहा है? कौन मंत्री और जनप्रतिनिधि क्षेत्र के लिए मुफीद बैठेगा? किसकी अधिक पकड़ है? इसका सर्वे किया गया है। पांच अक्टूबर तक सभी के कार्यक्रम तय हो जाएंगे और वे प्रचार शुरू कर देंगे। तय किया गया कि राजकुमार सहयोगी के परिवार के पूरे सदस्यों को क्षेत्र में उतारें, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक संपर्क किया जा सके।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल गुरुवार को इगलास में कोर कमेटी की बैठक ली। इसमें चुनाव संचालन समिति  के अलावा जिले के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। बंसल चुनाव प्रचार की रणनीति के बारे में चर्चा करेंगे। पार्टी ने तय किया है कि जो भी नेता आएगा, वह इगलास में ही बैठक करेगा।

Posted By: Sandeep Saxena

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