जासं, अलीगढ़ : किसानों के लिए अच्छी खबर है। सरकार उनको सीधे लाभ पहुंचाएगी। इसके तहत किसान गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में किसान बागवानी करेंगे। तीन साल तक हर माह तीन हजार रुपये भी दिए जाएंगे। प्रदेश सरकार की नमामि गंगे औद्यानिक विकास योजना के तहत किसानों को यह लाभ मिलेगा। शासन की ओर से यह एक अच्छी पहल बताई जा रही है। पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। किसान पाठशालाओं में विभागीय अधिकारी इसकी जानकारी दे रहे हैं।

जनपद में गंगा किनारे 25 हेक्टेअर में बागवानी करने का लक्ष्य उद्यान विभाग को मिला है। योजना के तहत गंगा तट के करीब पांच किमी के दायरे में आम, अमरूद, आंवला, बेर, बेलपत्र, अनार, शरीफा और नींबू के बाग लगाए जाएंगे। इनसे पर्यावरण के क्षेत्र में तो सुधार आएगा ही किसानों को भी सीधे तौर पर भारी लाभ मिलेगा। इस बागवानी को लेकर जिला उद्यान अधिकारी डा. धीरेंद्र के मुताबिक विकास खंड गंगीरी में गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों के किसानों को योजना के संबंध में जानकारी दी जा रही है। लाभार्थी किसान न्यूनतम क्षेत्रफल 0.2 हेक्टेअर और अधिकतम एक हेक्टेअर में पौधारोपण करा सकते हैं। किसान को तीन हजार रुपये प्रति माह की दर से 36 माह तक कुल 1.08 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में विभाग द्वारा दिए जाएंगे। ये राशि सीधे किसान के खाते में भेजी जाएगी। उन्नतशील प्रजाति के पौधों का क्रय और रोपण का व्यय किसान स्वयं करेंगे, पौधों की देखरेख भी करनी होगी। पौधे राजकीय या पंजीकृत पौधशालाओं से क्रय किए जाएंगे। बागवानी करने के इच्छुक किसान एक हफ्ते में वेबसाइट या फिर जिला उद्यान कार्यालय आकर पंजीकरण करा लें। इधर, बुधवार को धनीपुर विकास खंड के गांव ईकरी में किसान पाठशाला आयोजित हुई। जिसमें जिला उद्यान निरीक्षक चेतन्य वाष्र्णेय ने नमामि गंगे के अलावा उद्यान विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की जानकारी किसानों को दी।

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