अलीगढ़ (जेएनएन)। पालीमुकीमपुर में 19 दिन पहले हुई दीपा की हत्या की वजह ऑनर किलिंग नहीं थी। हत्या इसी के विवाहित प्रेमी ने की थी, जो कभी इसके यहां ड्राइवर था। गर्भ ठहरने पर वह दीपा से छुटकारा पाना चाहता था। प्रयास भी किए, मगर नाकाम रहा। गर्भपात की बताकर नींद की गोलियां खिला दीं। फिर शारीरिक संबंध बनाकर गला काट दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

ऐसे दिया था रणनीति को अंजाम

पालीमुकीमपुर के गांव हरदोई निवासी नौबत सिंह की बेटी दीपा (20) तीन नवंबर की रात अचानक लापता हो गई। तब बताया गया कि वह तीन लाख के जेवर, रुपये लेकर गई है। पांच नवंबर को उसका शव गांव में ही कर्रु ठाकुर के बाजरा के खेत में मिला। तब हत्या और साक्ष्य छिपाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।

कॉल डिटेल के जरिए पुलिस ने किया पर्दाफाश

घटनाक्रम का पर्दाफाश करते हुए एसपी देहात मणीलाल पाटीदार ने पत्रकारों को बताया कि शुरुआत में लगा था कि मामला ऑनर किलिंग का है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पांच माह का गर्भ होने की बात सामने आयी थी। दीपा के मोबाइल से सारी कॉल डिलेट कर दी गई। शक होने कॉल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) निकलवाई। तब पता चला कि इसकी ज्यादातर बातें गांव नगरिया जाहर दादों निवासी सुभाष से होती थीं, जो पहले इसके यहां ड्राइवर था। घटना वाली रात भी काफी बातें हुई। दोनों की मोबाइल लोकेशन एक ही स्थान पर मिलने पर जांच ने नया मोड़ ले लिया। छानबीन में पता चला कि डेढ़ साल से दोनों में संबंध थे। तब सुभाष की तलाश शुरु कर दी। मंगलवार की शाम इसे हरदोई गेट के निकट पुलिया से दबोच लिया। इसने बताया कि वह विवाहित है, दो बच्चे हैं। दीपा गर्भवती हो गई थी।

तीन माह पहले भी दी थी गर्भपात की दवा

तीन माह पूर्व दवा भी खिलाई, मगर गर्भपात नहीं हुआ। वह फंसाने की धमकी देने लगी। परिवार बिखरने के डर से हत्या की योजना बना ली। तीन नवंबर की रात हरदोई गेट के निकट ठेके पर पहले शराब पी, फिर 11 बजे फोन कर दीपा को खेत पर बुला लिया। नींद की चार गोलियां खिलाकर उसे विश्वास दिलाया कि इससे गर्भ गिर जाएगा। बातचीत के दौरान शारीरिक संबंध बनाए। जब उसे नींद आने लगी तो चाकू से गला रेत दिया और शव वहीं खेत में छिपा दिया। एसपीआरए ने बताया कि चाकू इसकी निशानदेही पर हरदोई निवासी राजवीर के खेत की मेड़ पर पतेल के झुंड से बरामद कर लिया। दीपा के जेवर, रुपये ले जाने की बात गलत थी। आरोपित पोस्टमार्टम, दाह-संस्कार के दौरान भी मौजूद था, तब इस पर शक नहीं था।

Posted By: Jagran

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