अलीगढ़, जेएनएन। गोरखपुर से दबोचे गए साइबर ठग अफरोज अब्बासी को गुरुवार को पुलिस ने रिमांड पर लेकर लंबी पूछताछ की। इसमें अफरोज ने 10 लोगों के नाम बताए हैं, जो संपर्क में थे। ये लोग अमरोहा, उन्नाव, आजमगढ़ व दिल्ली के हैं। कुछ के सिर्फ नाम ही पता चले हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। वहीं पांच नए बैंक खातों के बारे में भी जानकारी मिली है। इनके ट्रांजेक्शन की डिटेल खंगालने की तैयारी है।
पुलिस ने ऐसे दबोचे थे साइबर ठग
गांधीपार्क थाना क्षेत्र के मामू भांजा निवासी डॉ. पल्लवी के साथ 14 सितंबर को हुई ठगी में पुलिस ने महराजगंज के कृष्णा नगर निवासी अफरोज अब्बासी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अफरोज गिरोह चला रहा था, जो पेटीएम पर फर्जी एकाउंट बनाकर लोगों को ठगते थे। गिरोह की तह तक जाने के लिए गुरुवार को साइबर थाना पुलिस ने अफरोज को सुबह नौ से शाम पांच बजे तक रिमांड पर लेकर पूछताछ की। इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शातिर ने 10 लोगों के नाम बताए हैं। अमरोहा, उन्नाव, आजमगढ़ व दिल्ली के लोगों के सीधे संपर्क में था। जबकि अन्य लोग इंटरनेट मीडिया के माध्यम से जुड़े थे। ये सभी आपस में लेनदेन करते थे। वहीं अफरोज ने पांच नए बैंक खातों के बारे में जानकारी दी है। इनमें से कहां-कहां और कितना रुपया ट्रांसफर हुआ है, इसकी जानकारी की जा रही है।
एक फर्जी एकाउंट से हुआ 10 लाख का ट्रांजेक्शन
इंस्पेक्टर ने बताया कि अफरोज ने पेटीएम पर बनाए एक फर्जी एकाउंट के बारे में जानकारी दी है, जहां से लाकडाउन में ही 10 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। जबकि शातिर ने ऐसे आठ सौ से ज्यादा एकाउंट बना रखे हैं। इनमें किसी का भी नाम इस्तेमाल कर लिया जाता था। जैसे एक्स-1, एक्स-2, एक्स-3 आदि। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गिरोह ने करीब 80 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन किया है।
28 दिसंबर को अलीगढ़ आया था ठग
पूछताछ में ये भी पता चला है कि आरोपित अफरोज 28 दिसंबर 2020 को अलीगढ़ आया था। लेकिन, उसे लोकेशन की जानकारी नहीं है। पुलिस के मुताबिक, अफरोज के संपर्क में कुछ अलीगढ़ के लोग भी हो सकते हैं। इसकी लोकेशन ट्रेस करके जल्द ही उनका पता लगा लिया जाएगा। साथ ही इंटरनेट मीडिया पर बने ग्रुप के 40 लोगों के बारे में भी जानकारी की जा रही है।
ऐसे करते थे ठगी
गिरोह किसी भी व्यक्ति के नाम से तीन-चार फर्जी सिम खरीद लेते थे। फिर वेबसाइट से उस व्यक्ति का पैन नंबर लेकर पेटीएम पर फर्जी एकाउंट खोल लेते हैं। इस फर्जी एकाउंट से पैसा ट्रांसफर, रिचार्ज, बिल आदि भरने की आड़ में ठगी कर ली जाती थी। फर्जी सिम नंबर से कॉल करके भी लोगों को झांसे में लेकर ठगी करते थे।

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप