अलीगढ़ (जेएनएन)। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड वितरण में कोई हीलाहवाली नहीं चलेगी। हर लाभार्थी परिवार के कार्ड बनवाने की जिम्मेदारी विभाग की होगी। बहरहाल, प्राथमिकता में वे परिवार शामिल हैं, जिनके किसी सदस्य का गोल्डन कार्ड नहीं बन पाया है।

अलीगढ़ में 2.32 लाख का हुआ चयन

करीब 39 लाख की आबादी वाले जनपद अलीगढ़ में कुल 2.32 लाख लाभार्थियों का चयन हुआ है। इनमें एक लाख 48 हजार 436 ग्रामीण व 84 हजार 77 शहरी हैं। इनके अलावा 9818 परिवार मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चिह्नित किए गए हैं।

हजारों लाभार्थी कार्ड से वंचित

आयुष्मान मरीजों को गोल्डन कार्ड दिखाने पर चयनित समस्त अस्पतालों में मुफ्त इलाज का प्रविधान किया गया है। चिंता की बात ये है कि तमाम परिवार व लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड आज तक नहीं बन पाए। हजारों परिवार तो ऐसे हैं, जिनके किसी सदस्य का गोल्डन कार्ड नहीं बना है। माना ये जा रहा है कि इन लोगों को आयुष्मान योजना में शामिल होने की जानकारी नहीं है अथवा गोल्डन कार्ड बनवाने में परेशानी हो रही है।

अब अंतिम लाभार्थी परिवार तक गोल्डन कार्ड

केंद्र व प्रदेश सरकार ने अंतिम लाभार्थी परिवार तक गोल्डन कार्ड पहुंचाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं, जब तक ऐसा न हो जाए, शिविर व डोर-टू-डोर अभियान जारी रखा जाए। विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। नोडल अधिकारी डॉ. खानचंद्र ने बताया कि लखनऊ से उन परिवारों की सूची मिल गई है, जिनके किसी सदस्य का गोल्डन कार्ड नहीं बना है। अब जगह-जगह शिविर लगाए जा रहे हैं। डोर-टू-डोर भी कार्ड बांटे जा रहे हैं।

Posted By: Sandeep Saxena

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