अलीगढ़, जेएनएन।  थाना सासनीगेट क्षेत्र की युवती के बालिग होते ही प्रेमी से शादी करने के मामले में सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में युवती के बयान दर्ज हो गए हैं। अधिवक्ता चितरंजन अग्रवाल के मुताबिक, युवती ने बयानों में यही कहा है कि पति के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। वह निर्दोष है। कोर्ट अब अन्य लोगों के बयान ले सकती है। इसके लिए 27 अगस्त को सुनवाई होगी।

दो साल पुराना मामला

मामला करीब दो साल पुराना है। सासनीगेट थाना क्षेत्र के एक इलाके की एक किशोरी क्षेत्र के ही एक कोचिंग में पढ़ती थी। कोचिंग में उसकी दोस्ती क्षेत्र के ही एक युवक से हो गई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। सात जून 2019 को युवक अपने दो दोस्तों के साथ कार लेकर कोचिंग पर आया। तीनों किशोरी को साथ लेकर आगरा रोड पर घूमने निकले। 20 मिनट बाद युवकों ने किशोरी को छोड़ दिया। किशोरी के स्वजन को मामले की जानकारी हुई तो पिता ने नौ जून 2019 को सासनीगेट थाने में प्रेमी समेत तीनों के खिलाफ अपहरण कर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने तीनों आरोपितों को जेल भेज दिया। करीब नौ माह बाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद तीनों जेल से रिहा हुए। मामला पाक्सो कोर्ट में विचाराधीन था।

प्रेमी के संपर्क में रही प्रेमिका

जेल से बाहर आने के बाद भी किशोरी प्रेमी के संपर्क में थी और शादी करना चाहती थी। लेकिन, स्वजन के दबाव और नाबालिग होने के चलते वह शांत रही। 31 मार्च को युवती 18 साल की हो गई, जिसके बाद उसने कोर्ट में शपथ पत्र दायर कर दिया। इसमें बताया कि गलतफहमी से उसके पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था, जबकि प्रेमी समेत तीनों युवक निर्दोष हैं। 27 जुलाई को युवक-युवती ने वार्ष्णेय मंदिर में शादी रचा ली। इसके बाद से युवती युवक के साथ ससुराल में है। अधिवक्ता ने बताया कि पाक्सो कोर्ट में युवती के बयान हो गए हैं। अब 27 अगस्त को सुनवाई होगी।

Edited By: Anil Kushwaha