अलीगढ़, जेएनएन। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित कक्षा एक से आठ तक के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को अब प्रमोशन व इंक्रीमेंट पाने के लिए परीक्षा से गुजरना होगा। इसके आधार पर गुरुजनों का रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा। शासन स्तर से इसके लिए नौ पैरामीटर्स तय किए गए हैं। इन पैरामीटर्स पर शिक्षकों को अपना स्वत: मूल्यांकन कर रिपोर्ट मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसके लिए उनके पास 15 अप्रैल तक का समय होगा। फिर 15 मई तक एबीएसए उसका निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट अपलोड करेंगे। अंतिम चरण में बीएसए फाइनल रिपोर्ट लगाएंगे। हर पैरामीटर्स पर अलग-अलग नंबर मिलेंगे। जिसका स्कोरकार्ड बेहतर होगा उसको उसी हिसाब से प्रमोशन व वेतनवृद्धि दी जाएगी।

 शिक्षा की गुणवत्‍ता बनाने के लिए की व्‍यवस्‍था 

बेसिक शिक्षा विभाग ने यह व्यवस्था शिक्षा की गुणवत्ता व प्रबंधन को बेहतर करने के लिए लागू की है। इस परीक्षा में प्रधानाध्यापकों से लेकर सहायक अध्यापकों तक सभी को नौ पैरामीटर्स में ज्यादा से ज्यादा नंबर जुटाने होंगे। पैरामीटर्स का तीन पड़ावों पर मूल्यांकन होगा। सबसे पहले खुद शिक्षकों को अपना मूल्यांकन करना होगा। दूसरे स्तर पर प्रतिवेदक अधिकारी यानी खंड शिक्षा अधिकारी उनके पैरामीटर्स को जाचेंगे। दूसरे स्तर से मूल्यांकन आख्या दाखिल किए जाने के बाद तीसरा यानी अंतिम मूल्यांकन बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से किया जाएगा। इस तरह शिक्षकों की वार्षिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। वार्षिक रिपोर्ट तैयार करने की अंतिम तिथि 31 मई तक निर्धारित की गई है। 

एसएमसी की नियमित बैठक में सहभागिता जरूरी

अफसरों का कहना है कि सभी 14 अवस्थापन सुविधाएं होने पर शिक्षक को 10 नंबर मिलेंगे। विद्यालय में 60 से 80 फीसदी तक छात्र उपस्थिति पर पांच नंबर दिए जाएंगे। विद्यालय में छात्रों की 80 फीसदी से अधिक उपस्थिति पर 10 नंबर, छात्र रिजल्ट कार्ड सभी छात्रों को शतप्रतिशत वितरित करने पर 10 नंबर, डिजिटल शिक्षा सामग्री के नियमित प्रयोग करने पर 10 नंबर, एसएमसी की नियमित बैठक में प्रतिभाग करने पर 10 नंबर, छात्रों की ओर से पुस्तकालय का नियमित प्रयोग करने पर 10 नंबर दिए जाएंगे। मॉड्यूल, आधारशिला, ध्यानाकर्षण एवं शिक्षण संग्रह को शिक्षण कार्य में नियमित प्रयोग करने पर 10 नंबर, आउट ऑफ स्कूल बच्चों का सर्वेक्षण व चिह्नांकन करते हुए सभी बच्चों का नामांकन कराने पर 10 नंबर, शिक्षकों के 60 से 80 फीसदी तक उपस्थिति पर पांच अंक दिए जाएंगे। 80 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति पर 10 अंक और प्रशिक्षण में सभी दिन प्रतिभाग करने पर 10 नंबर मिलेंगे।

शिक्षण कार्य व विद्यालयों में छात्र संख्या व उनकी उपस्थिति में सुधार के उद्देश्य से शासनस्तर से ये व्यवस्था बनाई गई है। इसका क्रियान्वयन भी होगा। बेहतरी करने के लिए प्रतिस्पर्धा भी अच्छी होती है। इससे शिक्षकों, विद्यार्थियों, विद्यालयों व शिक्षण गुणवत्ता हर स्तर पर सुधार होगा।

डा. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए

 

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