अलीगढ़, जेएनएन : संपत्तिकर के मामले के बाद गृहकर को लेकर आमजन परेशान है। रिवाइज किए गए गृहकर के बिलों में नगर निगम ब्याज लगाकर भेज रहा है। अलीगढ़ व्यापारी संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल ने नगर आयुक्त प्रेम रंजन सिंह से मुलाकात की। इस ब्याज दर को लेकर कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप भी लगाया। चेतावनी भी दी, अगर यह ब्याज दर वापस नहीं हुईं तो कारोबारियों को साथ लेकर समिति जन आंदोलन करेंगी। गृह कर के बिल रिवाइज किए गए 

समिति के मुख्य संयाेजक अनिल सेंचुरी व मनीष अग्रवाल वूल ने कहा कि नगर निगम ने एक अप्रैल 2017 से रिवाइज किए गए गृहकर के बिलों में लगाई गयी। गृह कर के बिल रिवाइज किए गए हैं जिनमें बकाया पर ब्याज भी लगा दिया गया है। इसे व्यापारी नेताओं ने अनुचित बताया है। इन्होंने कहा कि संघर्ष समिति इसका डटकर विरोध करेगी। इस मुलाकात के बाद नगर आयुक्त ने जारी किए गए इन बिलों से ब्याज नहीं हटाया गया, तो हम आंदोलन से भी पिछे नहीं हटेंगे। व्यापारी नेताओं ने तर्क भी दिया है कि ये बिल ऐसे कारोबारियों को भी भेजे गए है, जिनका 2017-18, 2018-19 का गृहकर जमा कर चुके हैं। नगर आयुक्त का इन वरिष्ठ व्यापारी नेताओं ने बताया कि कोरोना की मार से व्यापारी व आम जनता अभी उबर नहीं पाए हैं। इनसे इस मनमानी वसूली को रोका जाए। 

कथित कर्मचारी सौदेबाजी करने पर उतर आते हैं

समति के मुख्य संयाेजक हरिकिशन अग्रवाल व संजीव रतन अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम में गृहकर के फील्ड कर्मचारी कई कई गुना बढ़ाकर गृहकर के नोटिस लेकर भवन स्वामियों व दुकानदारों के पास जाते हैं, जब उनसे कहा जाता है कि इतना गृहकर कैसे बढ़ गया, इन्हाेंने आरोप लगाया है कि तब यह कथित कर्मचारी सौदेबाजी करने पर उतर आते हैं। उनका जो वास्तविक गृहकर होता है। 

गृह कर विभाग में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा

नगर आयुक्त के समक्ष व्यापारी नेताओं ने आरोप लगाया कि गृह कर विभाग में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है। इस पर अंकुश लगना पर जोर दिया। मांग भी की, गृहकर के फील्ड कर्मचारी जब नोटिस लेकर के जाएं वे वास्तविक होने चाहिए। यदि यह नोटिस अनाप-शनाप बढ़ाकर पाए जाएं तब उन कर्मचारियों को दंडित किया जाना चाहिए।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप