अलीगढ़, जागरण संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चार जनवरी को 660 मेगावाट की नई यूनिट का उद्धाटन करने अलीगढ़ आ रहे हैं। इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है मगर, पावर हाउस को जाने वाली उद्धाटन से पहले ही टूट गई। इसका निर्माण मात्र चार महीने पहले ही हुआ था। तोशिबा कंपनी ने सड़क का निर्माण कराया था। सीएम को यदि इस बारे में जानकारी होगी तो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।

तोशिबा कंपनी ने कराया था सड़क निर्माण

कासिमपुर पावर हाउस की 660 मेगावाट यूनिट का निर्माण जापान की कंपनी तोशिबा करा रही है। इसलिए उत्तर प्रदेश विद्युत उत्पादन निगम ने नई यूनिट के बाहर की सड़क निर्माण का जिम्मा दे दिया। तोशिबा कंपनी की ओर से इस सड़क का निर्माण कमल बिल्डर्स ने कराया। सड़क का निर्माण होते ही गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे थे। बरौली विधायक ठाकुर दलवीर सिंह को शिकायत मिली थी पावर हाउस पर बन रही सीसी सड़क मानक के अनुरूप नहीं है। इस पर विधायक निरीक्षण करने पहुंच गए थे। विधायक ने स्वयं देखा था कि घटिया रोड़ी के ऊपर रोड़ी की एक और लेयर डाली जा रही थी। उन्होंने मौके से ही विद्युत उत्पादन निगम के एमडी सेंथिल पांडियन को फोन से घटिया निर्माण की शिकायत की थी। सड़क के बेस में डिजायन के अुनरूप मोटाई नहीं पायी गई थी। इसके बाद ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया था। निर्देश दिया गया था कि गुणवत्तापरक सड़क का निर्माण कराएं। मगर, निर्माण कार्य में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद जनहित मानवाधिकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद पांडेय ने लखनऊ अधिकारियों से शिकायत कर दी। इस पर फिर अधिकारियों ने फटकार लगाई। अब तो सड़क में सीधे दरार देखी जा सकती है।

इनका कहना है

सड़क यदि चार महीने के भीतर टूटी है तो इसकी जांच कराई जाएगी। आखिर निरीक्षण करने के बाद भी फिर घटिया काम क्यों कराया गया। इस मामले में सीएम से मिलकर शिकायत भी करेंगे।

ठा. दलवीर सिंह, बरौली विधायक

तोशिबा कंपनी को सड़क ठीक कराने निर्देश दिए गए हैं। यदि सुधार नहीं होता है तो नोटिस दी जाएगी। घटिया काम किसी भी तरह से बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

आफताब अहमद, अधीक्षण अभियंता आफताब 660 मेगावाट यूनिट

Edited By: Anil Kushwaha