हाथरस, जेएनएन ।  जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से पहले हाथरस जिले की राजनीति में शनिवार को बड़ा उलटफेर हुआ है। बसपा से निलंबित चल रहे पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की पत्नी सीमा उपाध्याय ने भाजपा का दामन थाम लिया है। बसपा की टिकट पर सीमा उपाध्याय फतेहपुरी सीकरी लोकसभा सीट पर सांसद भी रह चुकी हैं। सीमा के भाजपा में शामिल होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में निर्दलीय उतरीं सीमा उपाध्याय ने भाजपा प्रत्याशी देवरानी ऋतु उपाध्याय को शिकस्त दी थी। भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष की तैयारी कर रहीं ऋतु उपाध्याय का सफर रोकने वाली सीमा उपाध्याय को अब अध्यक्ष पद का दावेदार माना जा रहा है। 

हाथरस की राजनीति की धुरी रहे हैं रामवीर उपाध्‍याय

बसपा से पूर्व मंत्री और वर्तमान में सादाबाद से विधायक रामवीर उपाध्याय हाथरस की राजनीति में हमेशा ही धुरी रहे हैं। दो दशकों से जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में उनके परिवार का दबदबा रहा है। रामवीर वार्ड संख्या 14 से सबसे छोटे भाई रामेश्वर उपाध्याय की पत्नी को चुनाव लड़ाना चाहते थे, लेकिन एन वक्त पर तीसरे नंबर के भाई भाई पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय ने पत्नी ऋतु उपाध्याय को भाजपा से टिकट दिलाकर सभी को चौंका दिया। ऋतु उपाध्याय भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदार मानी जा रही थीं। इसके बाद रामवीर के परिवार की रार सामने आ गई है। रामवीर ने 4 अप्रैल को प्रेसवार्ता कर ऋतु उपाध्याय के खिलाफ पत्नी सीमा उपाध्याय को मैदान में उतार दिया। चुनाव परिणाम एकतरफा रहे। सीमा उपाध्याय चुनाव जीतीं जबकि ऋतु उपाध्याय पांचवें नंबर पर रहीं। सीमा उपाध्याय पूर्व में दो बार हाथरस की जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। 

मोदी-योगी जी से प्रभावित होकर ज्वाइन की भाजपा: सीमा

स्थानीय भाजपा कार्यालय पर सीमा उपाध्याय, उनके देवर पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय भाजपा में शामिल हुए। प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रज बहादुर भारद्वाज, जिलाध्यक्ष गौरव अार्य ने दोनों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी ने वर्चुअल संवोधन से उपाध्याय परिवार के सदस्यों को पार्टी में शामिल होने पर बधाई दी। सीमा उपाध्याय ने इस मौके पर कहा वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी जी के कार्याें से प्राभावित होकर भाजपा में शामिल हो रही हैं। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी होने के सवाल पर कहा कि यह तो पार्टी का तय करना है। इस दौरान सांसद राजवीर दिलेर, विधायक सदर हरीशंकर माहौर, सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राणा समेत नेता मौजूद रहे। 

चिराग, डॉ. अविन समेत 11 लोगों की वापसी

भाजपा में बगावत करने पर चुनाव की पूर्व संध्या 14 अप्रैल को निष्कासित किए गए 11 लोगों की वापसी हो गई है। वार्ड 14 से भाजपा से दावेदारी कर रहे डॉ. अविन शर्मा टिकट कटने पर निर्दलीय मैदान में उतर आए थे। इसी के चलते उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया था। चिरागवीर उपाध्याय मां सीमा उपाध्याय के लिए प्रचार करने को लेकर पार्टी से निष्काषित किए गए थे। इसके साथ ही देवदत्त वर्मा, चंद्रवीर सिंह, कृष्णा सिसोदिया, सोनू चौहान, रानू जादौन, रिंकू जादौन, गीता देवी, सोमेश यादव  की भी भाजपा में वापसी हुई है। 

इनका कहना है

प्रदेश हाईकमान के निर्देश पर सीमा उपाध्याय ने पार्टी के जिला कार्यालय पर सदस्यता ली है। साथ ही 14 अप्रैल को पार्टी से निष्कासित किए गए 11 सदस्यों को पार्टी में वापसी हुई है। अध्यक्ष पद के लिए चेहरा कौन होगा, यह पार्टी हाईकमान को तय करना है। 

गौरव आर्य, जिलाध्यक्ष भाजपा 

रामवीर उपाध्याय पहले से ही बसपा से निलंबित चल रहे हैं। उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय के भाजपा में शामिल होने के बारे में पार्टी हाइकमान को अवगत करा दिया है। अागे का निर्णय पार्टी हाइकमान को ही लेना है। 

महेश बाबू कुशवाह, जिलाध्यक्ष बसपा।