अलीगढ़, जेएनएन।  स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। अब इन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में भी मौका मिलेगा। सरकार ने पहली बार मनरेगा में महिला मेट रखने के आदेश दिए हैं। जिले में इसकी तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में 214 पदों पर महिला मेट की भर्ती होने जा रही है। एक मेट को काम के हिसाब से 320 से 400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय मिला करेगा।महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के समूहों से जुड़ी महिलाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। पिछले दिनों गांव देहात में बने सामुदायिक शौचालयों की निगरानी की जिम्मेदारी भी इन्हीं महिला समूहों को मिली है। जिले में भी 867 महिलाओं को इसमें शामिल किया गया। इन्हें नौ हजार रुपये महीने के हिसाब से मानदेय सामुदायिक शौचालयों की देखरेख के लिए मिलता है। अब सरकार ने मनरेगा में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

इस तरह मिलेगा मानदेय

महिला मेटों को काम के हिसाब से 325 से 400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी जाएगी। अन्य सामान्य मजदूरों को 204 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती है। 20 महिलाओं पर एक मेट की तैनाती होगी। इनका कामकाज शुरू होने के बाद बाकी पदों पर तैनाती होगी।

इनका कहना है

शासन से महिला मेट रखने के संबंध में आदेश आ गए हैं। जिला स्तर पर इसकी तैयारी भी हो गई है। पहले चरण में जिले में कुल 214 महिला मेट रखी जा रही हैं। ब्लाक स्तर से आवेदन मांगे जा रहे हैं।

अंकित खंडेलवाल, सीडीओ

Edited By: Anil Kushwaha