जागरण टीम, अलीगढ़ : सरकारी तंत्र डेंगू के डंक पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। शुक्रवार को साधु समेत पांच लोगों की मौत हो गई, सभी को बुखार आया था और डेंगू के लक्षण थे। जिले में मृतकों की संख्या 40 से अधिक पहुंच गई है। 58 नए डेंगू रोगी भी सामने आए हैं। अब तक डेंगू रोगियों की संख्या 678 के पार पहुंच गई है।

गांव दतावली में 10वीं मौत : बरला के गांव दतावली में बुखार से मंदिर के पुजारी 50 वर्षीय राममुनि की मौत हुई। ग्रामीण राजतिलक सिंह ने बताया कि साधु को चार दिन से बुखार था। निजी चिकित्सक से उन्होंने दवा भी ली थी।

लक्ष्मणगढ़ी में तीन मौत : खैर क्षेत्र के गांव लक्ष्मणगढ़ी में बुखार से राजकुमारी (30), व बांकेलाल (75) की 20 अक्टूबर को मृत्यु हो गई। 32 वर्षीय गुड़िया की शुक्रवार को मौत हुई। गांव लक्ष्मनगढ़ी के अलावा मानपुर खुर्द, गोमत, महगौरा में डेंगू मलेरिया व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जबकि, यहां विभागीय टीम कैंप किए हैं।

बरौली में 27 वर्षीय युवक की मौत : बरौली निवासी देवेश को चार दिन पहले बुखार होने पर स्थानीय डाक्टर को दिखाया गया। आराम न मिलने पर महानगर के नामचीन नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। युवक को डेंगू हो गया। उसकी प्लेटलेट्स निरंतर गिरती जा रही थीं। शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे उसकी मौत हो गई।

618 बुखार के रोगियों को बांटीं दवाएं : नोडल अधिकारी (संक्रामक रोग) डा. एसपी सिंह के नेतृत्व में ग्राम बरौली, नगला पटेल, जलाली, सिहोर, दतावली, मुंडेला, बराल, लक्ष्मणगढ़ी, महगौरा, रायट, सुजानपुर व नगरीय क्षेत्र के क्वार्सी, कुंवरनगर, संजय गांधी कालोनी, बन्ननादेवी व इंदिरा नगर में शिविर लगाकर मरीजों की जांच की गई। यहां 618 बुखार के रोगी मिले, जिन्हें दवाएं दी गईं। 347 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिनमें कोई पाजिटिव नहीं मिला। 160 लोगों की रेपिड डायग्नोस्टिक किट से जांच की गई, इसमें भी कोई डेंगू रोगी नहीं मिला। हाट स्पाट क्षेत्रों में जिला मलेरिया अधिकारी डा. राहुल कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में टीमों ने लार्वा चेक करने के लिए अभियान चलाया। 1102 फ्रिज में से 23, 873 में 12, 2458 गमलों में सात जगह लार्वा मिला। 4129 अन्य पात्र चेक किए, कहीं लार्वा नहीं मिला।

जिलास्तरीय अस्पतालों में 14 बेड ही रिक्त : दीनदयाल अस्पताल के सीएमएस ने तीन बेड व जिला अस्पताल के सीएमएस ने 11 बेड रिक्त होने की जानकारी दी। मरीजों के पर्यवेक्षण व डिस्चार्ज के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों का पैनल गठित कर दिया है।

भरपूर मात्रा में दवाएं : सीएमओ ने बताया कि चिकित्सालयों में दवा की कोई कमी है। पैरासिटामोल टेबलेट, पैरासिटोमोल इंजेक्शन, पेंटाप्रोजोल की भरपूर उपलब्धता है। डेंगू व मलेरिया के सोर्स रिडक्शन के लिए 60 हजार क्लोरोक्वीन टेबलेट, 30 हजार प्रिमाक्वीन टेबलेट, दो डेंगू एनएस-1 किट, 26, 142 लीटर पायरेथ्रम दवा (छिड़काव के लिए) व 25 कुंतल ब्लीचिग पाउटर उपलब्ध है।

सीडीओ ने किया अस्पताल का निरीक्षण : सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने दीनदयाल चिकित्सालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। पैथोलाजी लैब में 298 रोगियों के खून की जांच की जानकारी मिली। डेंगू वार्ड में चार मरीज भर्ती पाए गए। मरीजों ने कोई शिकायत नहीं की। सीएमएस डा. अनुपम भास्कर ने बताया कि कुल 300 बेड संख्या है। जिनमें से 285 पर मरीज भर्ती हैं। 219 मरीज फीवर के हैं। सीडीओ ने निर्देश दिए कि कोई भी डाक्टर या स्टाफ तब तक कार्यमुक्त नहीं होगा, जब तक दूसरा स्टाफ उपस्थित नहीं होगा।

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नगर स्वास्थ्य अधिकारी को हटाया

डेंगू व अन्य संचारी रोगों की रोकथाम में रुचि न लेने व निरंतर शिकायतें मिलने पर सीएमओ डा. आनंद उपाध्याय ने नगर निगम में तैनात नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. ओपी गौतम को हटा दिया है। डा. ओपी गौतम को एडी हेल्थ ने जसरथपुर ट्रामा सेंटर से हटाकर यहां नियुक्ति दी थी। सीएमओ ने बताया कि डा. गौतम के स्थान पर डा. कमल सिंह को नगर स्वास्थ्य अधिकारी नियुक्त किया गाय है। डा. ओपी गौतम एनेस्थेटिक्स (बेहोशी के डाक्टर) हैं, उन्हें दीनदयाल चिकित्सालय भेज दिया है। डा. कमल सिंह कार्यवाहक डिप्टी सीएमओ व वित्त लेखाधिकारी का दायित्व संभाल रहे थे। बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त लेखाधिकारी अनिल यादव को स्वास्थ्य विभाग का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है।

Edited By: Jagran