अलीगढ़, जेएनएन । किसान रवि की फसल के बाद खरीफ की फसल की बुबाई करते हैं। खरीफ की फसल में धान का विशेष महत्व है। धान की रोपाई से पूर्व नर्सरी तैयार करने की अहमियत काफी होती है। नर्सरी अच्छी होगी तो धान की पैदावार भी अच्छी मिलेगी। अच्छी नर्सरी के लिए बीज शोधन आवश्यक है।

ये हैं सिंचाई का सही तरीका

इगलास कृषि रक्षा इकाई के प्रभारी बनवारी लाल शर्मा ने बीज शोधन की जानकारी देते हुए बताया कि एक हेक्टेयर धान की रोपाई करने के लिए एक हजार वर्ग मीटर में महीन धान 30 किग्रा., मध्यम धान 35 किग्रा. और मोटे धान का 40 किग्रा. बीज पौध तैयार करने के लिए पर्याप्त होता है। 10 किलोग्राम बीज को 10 लीटर पानी में एक किलोग्राम नमकर मिलाकर 10 मिनट तक भिगोकर रखें। जो बीज ऊपर तैरने लगे उन्हें निकाल दें। इसके बाद बीज को साफ पानी में धो लें। अब 10 लीटर पानी में 25 ग्राम कार्बनडाइजिंग, एक ग्राम स्ट्रेप्टोमाइसीन का घोल तैयार कर उसमें बीज को भिगोकर 24 घंटे के लिए रख दें। इसके बाद बीज को पानी से निकाल कर भीगे टाट के बोरे से ढ़क कर छाया में अंकुरित करने के लिए सुखाए। 16-20 घंटे में बीज अंकुरित हो जाएंगे। अंकुरण के बाद खेत में नर्सरी डालें।

Edited By: Anil Kushwaha