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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खाद-बीज कारोबारियों की मनमानी से चढ़ रहा किसानों का पारा, किया हंगामा Aligarh news

By Anil KushwahaEdited By:
Published: Wed, 03 Nov 2021 12:58 PM (IST)Updated: Wed, 03 Nov 2021 01:15 PM (IST)

खाद-बीज कारोबारियों के मनमाने रवैये से किसानों का पारा चढ़ रहा है। आलू और सरसों की फसल के लिए खेत ...और पढ़ें

खाद बीज न मिलने से नाराज किसानों ने किया प्रदर्शन।
खाद बीज न मिलने से नाराज किसानों ने किया प्रदर्शन।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता।  खाद-बीज कारोबारियों के मनमाने रवैये से किसानों का पारा चढ़ रहा है। आलू और सरसों की फसल के लिए खेत तैयार कर रहे किसानों को डीएपी की जरूरत है। कारोबारी डीएपी के साथ किसानों को अनुपयोगी उर्वरक जबरन बेच रहे हैं। न लेने पर डीएपी नहीं दिया जा रहा। खाद-बीज केंद्रों से मायूस हुए इगलास के किसान जाम-प्रदर्शन कर चुके हैं। इससे पहले भी प्रदर्शन हुए थे। किसानों का आक्रोश फिर सड़कों पर न फूटे, इसके लिए कृषि विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। कारोबारियों को कड़ी हिदायत देने के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। इस नंबर पर संपर्क कर किसान अपनी समस्या बता सकते हैं। शिकायत पर तत्काल एक्शन लिया जाएगा। वहीं, डीएपी की नियमित आपूर्ति कराई जा रही है।

कृषि विभाग ने जारी किया हेल्‍पलाइन नंबर

जिला कृषि अधिकारी डा. रामप्रवेश ने बताया कि जनपद में डीएपी, एनपीके की नियमित आपूर्ति हो रही है। मंगलवार को ही 1350 मीट्रिक टन डीएपी और 1750 मीट्रिक टन एनपीके प्राप्त हुआ है। इससे पूर्व 1316 मीट्रिक टन डीएपी, 1395 मीट्रिक टन एनपीके और 431 मीट्रिक टन एसएसपी उर्वरक उपलब्ध था। चार नवंबर को 3712 इफको डीएपी, छह नवंबर को 1200 मीट्रिक टन स्मार्ट कैम एनपीके, नौ नवंबर को 800 आईपीएल एनपीके, 1000 मीट्रिक टन जीएसएफसी डीएपी की रैक आएगी। 15 नवंबर को 1300 मीट्रिक टन आरसीएफ डीएपी की आपूर्ति होगी। उन्होंने बताया कि जनपद में डीएपी और एनपीके उर्वरक लगातार आता रहेगा। किसानों की शिकायतों पर तत्काल एक्शन लिया जाएगा। यदि कोई भी उर्वरक विक्रेता निर्धारित से अधिक मूल्य पर उर्वरक का विक्रय करता है, या अन्य कम प्रचलित उर्वरक जबरन टैग करता है तो उस पर निश्चित कार्रवाई की जाएगी। किसान इस संंबंध कृषि विभाग के कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर (0571-2742581) पर शिकायत कर सकते हैं।

संतुलित मात्रा में डालें उर्वरक

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों द्वारा उर्वरकों का अत्यधिक मात्रा में प्रयोग किया जा रहा है, जिसके कारण फसलों की लागत बढ़ने के साथ-साथ मृदा उर्वरकता पर बुरा प्रभाव पड रहा है। संतुलित मात्रा में उर्वरक का डालना चाहिए। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार एक एकड़ आलू की फसल उत्पादन के लिए दो बोरी यूरिया, दो बोरी डीएपी और 68 किलो एमओपी या दो बोरी यूरिया, 132 किलो एनपीके, 34 किलो एमओपी की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त कैल्शियम नाइट्रेट 25 किलो, सल्फर दानेदार 10 किलो, जिंक सल्फेट 5 किलो प्रति एकड़ देने से भरपूर आलू का उत्पादन प्राप्त होता है।