अलीगढ़ (जेएनएन)। शामली के कैराना के बाद अब पलायन के मामले अलीगढ़ का भी नाम आ गया है। यहां पर पूर्व चेयरमैन तथा उसके नाती भाजपा कार्यकर्ता ने दूसरे संप्रदाय के लोगों के डर के कारण घर के बाहर 'मकान बिकाऊ है' का बोर्ड लगा दिया है। इनके मोबाइल फोन पर जय श्रीराम की रिंग टोन लगी है, जो कि दूसरे संप्रदाय के लोगों को जरा भी पसंद नहीं है। 
अलीगढ़ में मिश्रित आबादी वाले कस्बा जलाली में दूसरे संप्रदाय के युवकों के धमकाने पर दहशत में आए पूर्व चेयरमैन के नाती और भाजपा कार्यकर्ता ने मकान पर 'बिकाऊ है का बोर्ड लगा दिया।
उनका कसूर सिर्फ इतना था कि इन लोगों ने मोबाइल फोन पर 'जय श्रीराम' की रिंग टोन लगा ली है। पहले तो आरोपियों ने खिल्ली उड़ाई। फिर बोले, राम भक्ति बंद कर दी, जैसे तेरे बाबा की हत्या हुई थी, तेरी भी वही हश्र होगा। पीडि़त ने तीन लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
अलीगढ़ में यह मामला हरदुआगंज के कस्बा जलाली निवासी मनीष अग्रवाल के साथ 24 मार्च की रात 8:30 बजे हुआ। जलाली बाजार में उनकी बाबा रेडिमेड गारेमेंट नाम से दुकान है। जलाली के चेयरमैन रहे उनके बाबा मूल चंद्र अग्रवाल की 17 मार्च 1958 को लाला वाले बाग में हत्या हुई थी।
मनीष बताते हैं कि वह बाजार में दुकान के पास खड़े थे, तभी किसी  का फोन आया। 'जय श्रीराम' की रिंग टोन बजने लगी। इसके बाद तो पास ही खड़े आरोपी धमकाने लगे। उससे रिंग टोन बदलने को कहा और मना करने पर जान लेने की धमकी दी। आरोपियों ने कहा कि तुझे जलाली में नहीं रहने देंगे। इस धमकी से घबराए मनीष ने 'मकान बिकाऊ है' मकान की दीवार पर लिख दिया, एक बोर्ड भी टांग दिया। 
मनीष का कहना है कि ऐसे हालत में उनका परिवार सुरक्षित नहीं रह सकता। कभी भी कोई घटना हो सकती है। परिवार के साथ वह कहीं और बस जाएंगे। पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही। उनके परिवार में पिता वीरेंद्र अग्रवाल, मां, पत्नी और एक बेटी है। 
आरोपियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
एसपी देहात संकल्प शर्मा ने कहा कि इस मामले की जानकारी की जा रही है। अब तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।