जेएनएन, अलीगढ़ : आपसी गुटबाजी से कांग्र्रेस की हालत पतली है। रविवार को बिना निर्वाचन के ही युवा कांग्र्रेस के जिलाध्यक्ष की घोषणा हुई तो घमासान सा मच गया। नियुक्ति के खिलाफ पूर्व जिलाध्यक्ष व तीन विधानसभा युवा अध्यक्ष भी सामने आ गए। पार्टी नेताओं ने जिलाध्यक्ष की नियुक्ति को असंवैधानिक करार दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी इसकी शिकायत की।  

संगठन की होगी मजबूती

युवा कांग्र्रेस के प्रदेश महासचिव गौरांग देव चौहान ने होटल पामट्री में प्रेसवार्ता बुलाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेशाध्यक्ष व अन्य वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर कपिल शर्मा को युवा जिलाध्यक्ष बनाने की जानकारी दी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ओमवीर यादव के निर्देश वाला साधारण लेटर हेड भी प्रस्तुत किया। 

कपिल शर्मा ने नई जिम्मेदारी मिलने पर वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया। दोनों नेताओं ने कहाकि जल्द ही युवा कांग्र्रेस उन सभी मुद्दों पर आंदोलन करेगी, जिनकी अनदेखी केंद्र व राज्य सरकार कर रही हैं। सरकार की गलत नीतियों का धरना-प्रदर्शन आदि के जरिए विरोध किया जाएगा। संगठन को मजबूती मिलने की बात कही। यहां अमित ठाकुर, प्रशांत कुमार भी मौजूद रहे। 

नियुक्ति होते ही विरोध

प्रेसवार्ता की भनक लगते ही युवक कांग्र्रेस में भी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। दो माह पूर्व ही अपने पद से इस्तीफा देने वाले पूर्व युवा जिलाध्यक्ष अविनाश कुमार शर्मा ने कहाकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष को युवा जिलाध्यक्ष मनोनीत करने का कोई अधिकार नहीं। हमारे यहां युवा जिलाध्यक्ष निर्वाचित होते हैं या फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से सूची जारी होती है। युवा कांग्र्रेस के शहराध्यक्ष आनंद बघेल, बरौली विधानसभा अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा व खैर विधानसभा अध्यक्ष खालिद हाशमी ने भी बयान जारी कर कपिल शर्मा की नियुक्ति को असंवैधानिक बताया। 

 

Posted By: Sandeep Saxena

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