जासं, अलीगढ़ : तमाम कोशिशों के बाद सोमवार को शहर की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें उतर गईं। ट्रायल के तौर पर दो रूटों पर तीन बसें चली हैं। खेरेश्वरधाम चौराहे से बौनेरे तिराहा व हरदुआगंज से महरावल तक बसें चली हैं। दोनों रूटों पर यात्रियों में उत्साह रहा। बस का न्यूनतम किराया पांच रुपये रखा गया है। अधिकतम 35 रुपये है। किमी के अनुसार किराया बढ़ाया जाएगा। मंगलवार से शहर के सभी पांचों रूटों पर बसें ट्रायल के रूप में चलाने का दावा किया गया है। अभी भी चार्जिंग स्टेशन पर तमाम खामियां हैं, जिससे इन्हें चलाना चुनौती से कम नहीं होगा।

स्मार्ट सिटी के अंतर्गत पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) माडल पर शहर को 15 इलेक्ट्रिक बसें मिली हैं। ये शहर में पांच रूटों पर चलेंगी। तीन जनवरी बस आ गई थीं। लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने चार जनवरी को वर्चुअल उद्घाटन किया था। इनका चार्जिंग स्टेशन जीटी रोड स्थित सारसौल पर बनाया गया है। चार जनवरी के बाद से ही इन्हें चलाने की तैयारी हो रही थी। मगर, चार्जिग स्टेशन में खामियों के चलते चल नहीं सकी थीं। यहां चार्जिंग प्वाइंट आदि नहीं बन पाए थे। सोमवार सुबह से ही बसों को निकालने की तैयारी थी। तीन बसें जैसे-तैसे निकल सकीं। नगर आयुक्त गौरांग राठी, आरएम मोहम्मद परवेज समेत कई अधिकारी थे, जिनकी निगरानी में बसें निकलीं। चालक-परिचालक सभी ड्रेस में थे।

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पहले रूट पर इन स्थानों पर मिलेगी बस

इलेक्ट्रिक बस शहर में पांच रूटों पर दौड़ेंगी। जिन दो रूट पर पहले बस चल ही हैं, उनमें विभिन्न स्थानों पर रुकेंगी। पहला रूट खेरेश्वरधाम चौराहे से बौनेर तिराहा तक है। इसमें खेरेश्वरधाम चौराहा, नादा पुल, सूतमिल, तहसील तिराहा, रसलगंज, गांधीपार्क बस अड्डा, दुबे पड़ाव, एटा चुंगी चौराहा, धनीपुर मंडी, बौनेर तिराहा स्टापेज है। दूसरा रूट पर हरदुआगंज चौराहे से महरावल तक है। इस पर हरदुआगंज, तालानगरी, क्वार्सी चौराहा, गांधी आई हास्पिटल, दुबे का पड़ाव, गांधीपार्क बस अड्डा, रसलगंज, सूतमिल, सारसौल, फलमंडी और महरावल स्टापेज है। स्टाप से ही मिलेगी बस

ट्रायल के समय परिचालक यात्रियों को रूट और स्टाप के बारे में जानकारी देते रहे। यात्रियों को बताया कि निर्धारित स्टाप पर ही वो खड़े रहें, तभी बसों में चढ़ने का मौका मिलेगा। अभी तमाम लोगों को प्राइवेट बस की तरह कहीं से भी बस में चढ़ने की आदत है। शेष तीन रूट मडराक से मेडिकल कालेज, शिवदान सिंह कालेज से हरदुआगंज चौराहा और मंजूरगढ़ी से छर्रा अड्डा पुल तक हैं। चार्जिग स्टेशन में खामियां

सारसौल स्थित इलेक्ट्रिक बस स्टेशन पर खामियों की भरमार है। अभी एक ही चार्जिंग प्वाइंट बन सका है। वहां भी जैसे-तैसे बस चार्ज हो पाईं। एक घंटे चार्ज होने पर इलेक्ट्रिक बस 150 किमी दौड़ेगी। पांच रूटों पर बसें चलेंगी तो चार्जिंग बड़ी चुनौती होगी।

जाम में फंसेंगी बस

जीटी रोड पर सारसौल चौराहे के निकट चार्जिंग स्टेशन बनाया गया है, वहां से बसों का निकलना आसान नहीं होगा। चौराहे के निकट वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इलेक्ट्रिक बसें जाम में फंसेंगी। निकट ही एफसीआइ का गोदाम है। अनाज के सीजन में बड़ी संख्या में ट्रक यहां खड़े होते हैं, इससे भी जाम लगेगा। निर्धारित समय पर बसों का पहुंचना मुश्किल होगा।

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आइसीसीसी से ई-बसों की होगी निगरानी

आइसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ) से ई-बसों से निगरानी होगी। बसों में लगे जीपीएस सिस्टम के जरिए परिवहन अधिकारी बसों का मूवमेंट देख सकेंगे। नगर आयुक्त गौरांग राठी ने सारसौल स्थित ई-चार्जिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। जल्द मेंटेनेंस डिपो व चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बसों का कंट्रोल व सीसीटीवी कैमरे भी जल्द सुचारू किए जाएंगे।

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पहले दिन तीन बसें दो रूटों पर लिए निकाली गई हैं। अभी कुछ कमियां हैं, धीरे-धीरे इन्हें ठीक कर लिया जाएगा। मंगलवार को पांचों रूटों पर बसें चलेंगी।

मोहम्मद परवेज खान, आरएम

Edited By: Jagran