अलीगढ़ : मथुरा में फर्जी तरीके से सहायक अध्यापक पद पर नौकरी दिलाने वाले गिरोह का यूपी एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है। गैंग में शामिल सदस्यों में हाथरस जिले के माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय हाईस्कूल में तैनात सहायक अध्यापक भी शामिल पाया गया है। अब सहायक अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक अलीगढ़ और माध्यमिक शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को अवगत कराया गया है।

शिक्षकों पर बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी होती है, ताकि देश तरक्की के पथ पर बढ़े, लेकिन समय-समय पर कुछ शिक्षक ही व्यवस्था को दागदार कर देते हैं। इसके कारण पूरे शिक्षा महकमे को बदनामी झेलनी पड़ती है। मथुरा में फर्जी तरीके से सहायक अध्यापकों की भर्ती करा दिए जाने के मामले में स्पेशल टॉस्क फोर्स उत्तर प्रदेश की टीम ने गिरोह को पकड़ा है, जिसमें कार्रवाई लगातार चल रही है। इस फर्जीवाड़े के दाग हाथरस पर भी लगे हैं। सोलह व्यक्तियों को एसटीएफ ने पकड़ा है, जिनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई अमल में लाई गई है। पकड़े गए व्यक्तियों में चिदानंद उर्फ चेतन निवासी गांव कारव (मथुरा) भी है। चिदानंद हाथरस के राजकीय हाईस्कूल मुहरिया में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है। बताते है कि सहायक अध्यापक लोगों को झांसे में लेकर नौकरी लगवाने के लिए मथुरा बीएसए कार्यालय में तैनात लिपिक के पास ले जाता था। अब राजकीय हाईस्कूल मुहरिया के प्रधानाचार्य ने साक्ष्य लगाकर उक्त सहायक अध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक हाथरस सुनील कुमार तथा संयुक्त शिक्षा निदेशक अलीगढ़ जेके मलिक को पत्र लिखा है। डीआइओएस के मुताबिक राजकीय हाईस्कूल मुहरिया के प्रधानाचार्य ब्रजवीर ¨सह की रिपोर्ट के आधार पर उक्त शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र संयुक्त शिक्षा निदेशक अलीगढ़ व माध्यमिक शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को लिखा गया है।

Posted By: Jagran

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