अलीगढ़, जागरण संवाददाता। असत्य पर सत्य की जीत का पर्व दशहरा शुक्रवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। अचलताल स्थित श्रीराम लीला मैदान में रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। कोरोना के चलते इस बार भी नुमाइश मैदान में रावण दहन नहीं हो पा रहा है। रावण दहन को देखते हुए अचलताल पर सारी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन और नगर निगम की टीम ने मैदान का निरीक्षण किया। मैदान छोटा होने के चलते परिसर में कम लोगों के आने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही छोटे वाहनों को भी परिसर से पहले रोका जाएगा। रावण दहन से पहले दोपहर में काली मेला निकाला जाएगा। इस बार कोई भी शोभायात्रा और सवारी नहीं निकाली गई।

आतिशबाजी भी होगी

श्री रामलीला महोत्सव समिति के सह संयोजक ऋषभ गर्ग ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर 1 बजे मामू-भांजा से काली का मेला निकाला जाएगा। वहां से विभिन्न स्थानों से मेला होते हुए अचलताल स्थित रामलीला मैदान पहुंचेगा। शाम 6.30 बजे राम-रावण में भीषण युद्ध होगा। प्रभु श्रीराम के बाण से रावण का अंत होगा। अग्निबाण छोड़ते ही रावण का पुतला जल उठेगा। महोत्सव के संयोजक अरविंद कुमार ने बताया कि कोरोना के चलते बड़ा आयोजन नहीं किया गया है। इसलिए अधिक लोगों को नहीं बुलाया गया है। प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि मेले की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। शुक्रवार को रावण दहन के साथ ही बेहतरीन आतिशबाजी का नजारा देखने को मिलेगा।

शहर में भी की तैयारी, हर तरफ होगा पुलता दहन

शहर में भी रावण के पुतले दहन की तैयारियां की गईं हैं। खासकर बच्चे पुतला बनाने की तैयारी में जुटे हुए हैं। दोपहर बाद से पुतला दहन का सिलिसला शुरू हो जाएगा। ब्रह्मनपुरी निवासी रविंद्र हरकुट ने बताया कि बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ रावण का पुतला बनाया है। शाम छह बजे पांच बजे पुतला दहन किया जाएगा, इसके बाद सभी मेला देखने जाएंगे। रघुवीरपुरी, सासनीगेट, बारहद्वारी, सुरेंद्र नगर, सुदामापुरी, विक्रम कालोनी, रामबाग आदि जगहों पर भी बच्चों ने रावण का पुतला बनाया है।