अलीगढ़(जेएनएन)। अकराबाद के गांव मानई में शनिवार रात मां के साथ चारपाई पर सो रहा आठ महीने का ब'चा पास में रखी पानी से भरी बाल्टी में गिर गया। ब'चे की मौत हो गई। सुबह उठने पर परिवारीजनों को जानकारी हुई। गमगीन माहौल में ब'चे को दफना दिया गया।

गांव मानई निवासी दिनेश चंद्र यादव  गांव में खेती करते हैैं। करीब डेढ़ साल पहले दिनेश की शादी थाना अकराबाद के गांव सिकंदरपुर निवासी सरला देवी से हुई थी। उनका आठ माह बेटा कुलदीप था। शनिवार रात सरला देवी कुलदीप को लेकर चारपाई पर सो गईं। चारपाई के पास ही पानी से भरी प्लास्टिक की बाल्टी में पशुओं के लिए खल भिगोने के लिए रखी थी। सुबह सरला उठीं तो कुलदीप बाल्टी में डूबा पड़ा था। यह देख वो हड़बड़ा गईं। आनन-फानन ब'चे को निकाला, मगर तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। अनुमान है कि रात में किसी समय ब'चे ने करवट बदली होगी, बाल्टी में मुंह के बल गिर गया होगा।

स्विमिंग पूल में मौत की छलांग

हाथरस के मेंडू रोड पर गांव सोखना स्थित स्वीङ्क्षमग पूल में छलांग लगाने के बाद शहर के युवक की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि छलांग लगाते समय असंतुलित होने के बाद पूल में गिरा युवक फिर स्वत: बाहर नहीं निकल सका। उसे लोगों ने निकालकर आनन-फानन जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

शहर के बुर्जवाला कुआं के रहने वाले महेशचंद्र जोशी मंदिर के पुजारी हैं। उनका बेटा ङ्क्षरकू जोशी (29) रविवार की दोपहर दोस्तों के साथ सोखना स्थित निहारिका स्वीङ्क्षमग पूल पर नहाने गया था। पूल में छलांग लगाने के लिए स्लैब बनी है। बताते हैं कि छलांग लगाते समय वह अपने आप पर नियंत्रण खो बैठा तथा लडख़ड़ाता हुआ पानी में जा गिरा। पूल की गहराई लगभग पांच फीट है। युवक तल तक चला गया। ऊपर आने पर कुछ देर लगी। पानी में गिरते ही वह अचेत हो गया था। उसे बाहर निकाला गया तो उसकी सांसें चल रही थीं। दोस्त उसे लेकर जिला अस्पताल आए। कुछ देर चले उपचार के बाद ङ्क्षरकू की मौत हो गई। परिजनों ने स्वीङ्क्षमग पूल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। महेश चंद्र जोशी ने हाथरस गेट पुलिस को तहरीर दी जिसमें स्वीमिंग पूल के मालिक रमेशचंद्र सिन्हा व उनके दो बेटों को आरोपित किया है।

एसडीएम ने बैठाई जांच

एसडीएम सदर नीतिश कुमार ने जेई विनियमित क्षेत्र एसबी वर्मा को जांच सौंपी है। जानकारी के अनुसार स्वीङ्क्षमग पूल पर किसी तरह का पंजीकरण भी नहीं है। एसडीएम सदर ने बताया कि घटना में किस स्तर पर लापरवाही रही, इसकी जांच कराई जा रही है।

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Posted By: Mukesh Chaturvedi