अलीगढ़, जेएनएन।  गांवों में रहने वाले लोगों को उनकी आवासीय संपत्तियों का मालिकाना हक दिलाने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना को लेकर अच्छी खबर है। जिले के सौ गांव में संपत्तियों का ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। अब इन गांव की खैतौनी की तर्ज पर घरौनी (ग्रामीण आवासीय अभिलेख) तैयार कराई जा रही है। जल्द ही इनका वितरण शुरू हो जाएगा। पहले चरण में घरौनी का वितरण होने के बाद बाकी के बचे हुए गांव में ड्रोन सर्वे शुरू होगा। अभी हर तहसील से 20 गांव का चयन हुआ है।

आवासीय संपत्‍तियों का हुआ ड्रोन सर्वे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल स्वामित्व योजना का शुभारंभ किया था। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय संपत्तियों का ड्रोन के जरिए हवाई सर्वेक्षण का कार्य जुलाई में शुरु हुआ। हर जिले में चरणों के हिसाब से इस योजना को लागू कराने के आदेश दिए गए। ऐसे में अलीगढ़ में पहले चरण में कुल 100 गांव का चयन किया गया। इसमें हर तहसील से 20 गांव लिए गए। तहसीलों को ड्राेन से सर्वेक्षण के निर्देश दिए गए।

सर्वे हुआ पूरा

तहसीलों ने अब यह ड्रोन सर्वे पूरा कर लिया गया है। इसमें सभी आवासीय संपत्तियों का रिकार्ड दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही भौतिक सत्यापन भी हुआ है। अब इन दोनों सर्वे के आधार पर घरौनी तैयार कराई जा रही हैं। जल्द ही मकान मालिकों को इसका वितरण कर दिया है। घरौनी का खतौनी की तरह ही प्रयोग होगा। पहले चरण में घरौनी का वितरण होने के बाद दूसरे चरण में जिले में बाकी के बचे हुए गांव में सर्वे होगा।

कर्ज भी ले सकेंगे

योजना के तहत संपत्ति का रिकार्ड बनाया जाएगा। उसका स्वामित्व भी पारदर्शी रूप से तैयार किया जाएगा। पात्रता के आधार पर स्वामित्व प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। योजना से लाभ पाने के बाद ग्रामीणों को अपने आवास के सबंध में किसी रिकार्ड की जरूरत नहीं होगी और उनको अपनी संपत्ति पर सीधे स्वामित्व का अधिकार मिल जाएगा। इसके माध्यम से लोग बैंक से लोन भी ले सकेंगे। सरकारी जमीन की भी पहचान लेखपालों द्वारा की गई जांच के बाद ग्राम सभा में आबादी और सुरक्षित की गई जमीन की भी पहचान हो जाएगी। जिन लोगों ने सुरक्षित जमीनों पर मकान बना लिए हैं, उनकी पहचान करके उनके खिलाफ भूमाफिया के तहत कार्रवाई होगी।

इनका कहना है

स्वामित्त योजना के तहत सौ गांव में ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है। अब इनकी घरौनी तैयार कराई जा रही हैं। जल्द ही लोगों को इसका वितरण होगा। इसके बाद अगले चरण में बाकी के बचे हुए गांव में सर्वे होगा।

डीपी पाल, एडीएम प्रशासन