अलीगढ़ (जेएनएन)। जेएन मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल मरीजों पर आफत बनकर टूट रही है। शुक्रवार को वार्ड में भर्ती एक और मरीज की मौत हो गई। इमरजेंसी में तो मरीजों को भर्ती किया नहीं जा रहा, वार्डों से भी भर्ती मरीजों की छुट्टी कर दी गई है। जिला अस्पताल व दीनदयाल अस्पतालों में बेहतर सुविधा न होने के कारण और मुसीबत आ रही है,  जिला प्रशासन मौन है। एएमयू प्रशासन व हड़ताल पर चल रहे जूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक तक नहीं की है।

यह है हड़ताल की वजह
सातवें वेतन आयोग की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर 17 से 22 जून तक हड़ताल पर हैं। इससे इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। गंभीर मरीजों को लौटाया जा रहा है। कई मरीजों की जान तक जा चुकी है। शुक्रवार को इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की संख्या कम रही, लेकिन जो आए उनमें अधिकांश को इलाज नहीं मिला।

निराश हो रहे मरीज
बबराला से आए भुवनेश व वीरपाल को निराशा ही हाथ लगी।  जट्टारी के गांव टीकू मसंदगढ़ी निवासी कृष्णा को ओपीडी से ही वापस भेज दिया। बीस दिन पहले कृष्णा का सड़क हादसे में एक पैर टूट गया था। वहीं, वार्ड में भर्ती बाहर के एक मरीज के मरने की सूचना है, परिजन शव ले गए।

जारी रह सकती है हड़ताल
रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए)के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला आजमी ने बताया कि जूनियर डॉक्टरों की आम सभा शनिवार को बुलाई गई है। इसमें तय होगा कि हड़ताल खत्म की जाए या इसे जारी रखा जाए। मांग तो पूरी हुई नहीं हैं, इसलिए इसे जारी भी रखा जा सकता है।

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Posted By: Sandeep Saxena

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