अलीगढ़, जागरण संवाददाता। डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है। इसमें मरीज़ के ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने लगता है। यह शरीर में कम इंसुलिन उत्पादन के कारण होता है, लेकिन हर रोज व्याम करने से इस बीमारी को कम किया जा सकता है। डायबिटीज में मरीज को खानपान के लिए भी विशेष ध्यान रखना पड़ता है। चिकित्सक की सलाह से डायबिटीज की दवा लेना भी जरूरी है।

बीमारी से नसों,किडनी अंगों को नुकसान

यह बातें बुधवार को मसूदाबाद चौराहे स्थित सुखदेवी डायबिटीज हार्ड केयर एंड डायग्नोसिस्ट सेंटर के चिकित्सक डा. दीपक वाष्र्णेय ने कहीं। वे दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में फोन पर पाठकों के सवालों के जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि डायबिटीज में कई तरह के स्तर होते हैं। कई बार इस बीमारी से नसों, किडनी और अन्य अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। प्रस्तुत हैं प्रमुख सवाल-जवाब...

मेरी माता जी को डायबिटीज है। 45 साल की उम्र है। क्या करना चाहिए।- शिवराज भारती, जट्टारी

- डायबिटीज के मरीज को खान-पान में विशेष ध्यान रखना चाहि। आलू कम से कम खाएं। हर रोज पांच किमी पैदल जरूर चलें। चिकित्सक की सलाह पर दवा ले सकते हैं।

मेरी डायबिटीज 300 से ऊपर है। दवा खाने से भी कोई विशेष फायदा नहीं होता है।- संगीता अग्रवाल, खिरनी गेट

- सबसे पहले तो कसरत करना शुरू करिए। गेहूं-चने की रोटी खाइए। सलाद की मात्रा बढ़ा सकते हैं। अगर इंसुलिन की जरूरत है तो उसे भी लेना शुरू करिए।

पिछले 15-20 सालों से डायबिटीज की शिकायत है। अब लगातार यह समस्या बढ़ती जा रही है। सांस लेने में भी कठिनाई हो रही है।- बीना शर्मा, क्वार्सी बाइपास

- समय के साथ डायबिटीज बढ़ने लगती है। अब एक बार एक्सरा और ईसीजी कराइए। आशंका है कि डायबिटीज की वजह से दिल फैल रहा है। खाने-पीने का विशेष ध्यान रखिए।

आठ साल से डायबिटीज है। कुछ दिन से थायराइड की समस्या भी बढ़ गई है। दवा खाने पर हर पांच मिनट में पेशाब आ रहा है। जलन भी होती है। - नूतन, ज्ञान सरोवर

- नई दवाओं के सेवन के बाद अब पेशाब के माध्यम से डायबिटीज निकलती है, लेकिन अगर परेशानी अधिक है तो दवा आधी कर दीजिए। चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

डायबिटीज के लक्षण क्या हैं। किसी रोगी में कैसे पहचान की जा सकती है कि डायबिटीज है या नहीं।- प्रेमपाल, हरदुआगंज

- डायबिटीज के बाद घाव को ठीक होने में समय लगता है। कमजोरी रहती है। भरपूर नींद के बाद भी सुस्ती रहती है। टायलेट अधिक आती है। प्यास भी अधिक लगती है।

इन्होंने भी किए सवाल

ऊषा सारस्वत मामू भांजा, रवेंद्र खैर रोड, देवेंद्र अतरौली, प्रेमपाल अकराबाद, रामप्रताप सिंह हरदुआगंज शामिल हैं।

Edited By: Sandeep kumar Saxena

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