अलीगढ़, जागरण संवाददाता। स्वास्थ्य विभाग की तमाम कवायदों के बावजूद डेंगू व मलेरिया का प्रकोप थम नहीं रहा। रोजाना एक दर्जन से अधिक मामले स्वास्थ्य विभाग में ही दर्ज हो रहे हैं। 30 से अधिक टीमें मलेरिया कर्मियों के साथ गांव-गांव मरीजों का उपचार व लार्वा रोधी कार्रवाई कर रही हैं, फिर भी डेंगू पर अंकुश नहीं लग रहा। अधिकारियों के अनुसार, डेंगू खत्म न होने का कारण, इसका लार्वा घर में ही पल रहा है। खासतौर से कूलर, पुराने टायर, फ्रिज की ट्रे, गमला, पक्षियों के पानी के बर्तन व अन्य पात्रों में कई-कई दिनों पुराना पानी इकट्ठा होने के कारण उसमें लार्वा पैदा हो रहा है। यदि, लार्वा के श्रोत को खत्म कर दें, तो डेंगू का खतरा काफी कम हो जाएगा।

28 कूलर व अन्य पात्रों में निकला लार्वा

धनीपुर ब्लाक के ग्राम सिहोर में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 821 घरों का भ्रमण किया गया। इस दौरान 346 कूलर, 1134 कंटेनर एवं अन्य पात्रों को चेक किया गया। इसमें 28 कूलर व अन्य पात्रों में लार्वा पाया गया। क्योंकि, यह लार्वा साफ पानी में मिला है, लिहाजा इसके डेंगू का लार्वा होने की आशंका है। विभागीय टीमों को रोजाना इसी तरह कूलर व अन्य पात्रों में लार्वा मिल रहा है। जिन्हें टीमें अपनी उपस्थिति में खाली करा देती हैं। लार्वा रोधी दवा पायरेथ्रम का छिड़काव करते हुए लोगों को जागरूक भी किया जाता है। क्या करें क्या ना करें कि पेंपलेट भी वितरित किए गए।

ये भी करने होंगे उपाय

  • - घर के आसपास पानी इकट्ठा ना होने देने
  • - इकट्ठे पानी में जला हुआ मोबिल आयल डालें
  • - मच्छरदानी में सोएं
  • - दिन में भी घर में क्वाइल या अन्य उपाय कर मच्छरों को भगाएं
  • - घर के कोनों में कीटनाशक का छिड़काव भी कर सकते हैं
  • - घर के कोनों की अच्छे से सफार्ई करें
  • - कूड़े कचरे का निस्तारण करें
  • - अब पानी से कूलर न चलाएं
  • - समय निकालकर पानी से भरे सभी पात्रों को खाली कर दें
  • - पक्षियों के पानी के बर्तन का पानी रोजाना बदलें

 

Edited By: Anil Kushwaha