अलीगढ़ जेएनएन: कोरोना वायरस संक्रमितों के डेटा में गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासन ने फैसला लिया है कि फोटोयुक्त पहचान पत्र देने पर ही जांच होगी। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा है कि कोरोना संक्रमितों के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मजिस्ट्रेट होम आइसोलेटेड मरीजों से शासन की गाइड लाइन का पालन कराएं।

कोरोना पॉजिटिव समाज के लिए खतरनाक

कलक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि सभी मजिस्ट्रेट संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की जांच करें। अगर एक भी कोरोना पॉजिटिव छूट जाता है तो वह समाज के लिऐ खतरनाक होता है। सीएमओ जिले में संचालित एंबुलेंस के कार्यों की रिपोर्ट दें। एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह ने बताया कि संक्रमित मरीजों के डाटा में गड़बड़ी हो रही है। मरीजों को खोजने में दिक्कत होती है। तय किया गया कि अगर एक ही कॉलोनी या क्षेत्र में लगातार संक्रमित निकल रहे हैं तो वहां रेंडम सैंपल कराई जाए। 

शिकायतों के लिए बॉक्स

कलक्ट्रेट में एक दर्जन मरीज निकलने पर डीएम ने लोगों को संक्रमण से दूर रखने के लिए फैसला लिया है कि अब फरियादियों की शिकायतों के लिए मुख्य द्वार पर बॉक्स रखा जाएगा। हर दिन शिकायती पत्रों की मॉनिटरिंग कराई जाएगा। डीएम के हस्ताक्षरों के माध्यम से इन्हें संबंधित विभागों को भेजा जाएगा। 

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