अलीगढ़ (जेएनएन) : जिले में पशुधन भले ही कम हुआ हो, मगर त्योहारी सीजन में हर तरफ दूध की धाराएं बह रही हैं। ये खुश होने की बात नहीं, त्योहार निकट है इसलिए सिंथेटिक व मिलावटी दूध का काला कारोबार शुरू हो गया है। गांवों में जगह-जगह कथित दूध की भट्टियां धधक रही हैं। एफडीए की टीमें कई स्थानों पर भंडाफोड़ भी कर चुकी हैं।   

ये दूध है या जहर

दीपावली से पूर्व खोवा व अन्य दुग्ध पदार्थ या मिठाई बनाने के लिए जिस दूध का इस्तेमाल हो रहा है, उसका रंग तो जरूर सफेद है, इसमें क्या मिला रहे हैं यह पीने के बाद बीमारियों से ग्रसित होने पर पता लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार दूध में अखाद्य हानिकारक पदार्थों से कैंसर, हृदय, गुर्दा, लिवर आदि से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। दूध में दूषित पानी मिलाने से पोषकतत्वों की मात्रा घट जाती है। सिंथेटिक दूध बनाने के लिए स्टार्च, कास्टिक सोडा, यूरिया, घुला चूना, फार्मेलीन, ग्लूकोज, अरारोट, वेजिटेबल ऑयल, अमोनियम सल्फेट की मिलावट होती है। 

मोटा मुनाफा 

मिलावटी-सिंथेटिक दूध बनाने पर मात्र 8-10 रुपये प्रति लीटर लागत आती है, जबकि, बाजार में दूध 40 रुपये प्रति लीटर तक बिकता है। इस तरह करीब 30 रुपये प्रति लीटर का मोटा मुनाफा होता है। 

दूध का कड़वा सच डिटर्जेंट : दूध में डिटरजेंट से पेट संबंधी परेशानियां होती हैं। यह क्षारीय होने से शरीर के ऊतकों व प्रोटीन नष्ट कर देता है। संश्लेषित तत्वों से हृदय रोग, कैंसर सहित गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

यूरिया : यूरिया युक्त दूध से उल्टी, बेचैनी, चक्कर, जी मिचलाना आदि समस्याएं हो सकती हैं। गुर्दों को नुकसान हो सकता है। 

फार्मेलीन : दूध में इसकी मिलावट से लीवर को नुकसान पहुंचाता है।

ऐसे करें मिलावट की पहचान 

- चिकनाई निकले हुए दूध की बूंद  चलते समय लाइन नहीं छोड़ती। 

- सिंथेटिक व मिलावटी दूध जीभ पर रखने से कसैला लगता है। असली दूध में मिठास होती है। 

- दूध में हल्दी मिलाने पर लाल रंग छोड़े तो समझो मिलावट है।

- सफेद या हल्के पीले रंग का खोवा मिलावटी हो सकता है। 

- दूध में स्टार्च व अरारोट मिला हो तो आयोडीन सॉल्यूशन डालने पर काला या गहरा नीला हो जाएगा। 

- असली खोवा रगडऩे पर घी छोड़ता है। सूंघने पर सुगंध आती है। 

पकड़े गए प्रमुख मामले 

- 16 जनवरी 2017 को अकराबाद क्षेत्र के गांव नगला रेवती में सिंथेटिक दूध पकड़ा।

- 14 जून 2017 को चंडौस क्षेत्र के नवाबपुर में तीन मकानों में सिंथेटिक दूध की फैक्ट्री पकड़ी। 

- 04 जून 2018 को महावीरगंज में घर में चलती पकड़ी सिंथेटिक दूध फैक्ट्री।

- 9 जून 2018 को गांधी पार्क क्षेत्र के बौनेर में सिंथेटिक दूध की फैक्ट्री पकड़ी। 

- 3 दिसंबर 2018 को विजयगढ़ क्षेत्र में तीन घरों में चार हजार मिलावटी दूध व अन्य सामग्र्री पकड़ी। 

Posted By: Sandeep Saxena

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