अलीगढ़, जागरण संवाददाता।  जिले में डेंगू, मलेरिया व मौसमी बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा। स्वास्थ्य विभाग भले ही एलाइजा टेस्ट न होने के कारण तमाम संदिग्ध मरीजों को डेंगू होने की बात से इन्कार करें, लेकिन काफी मरीजों में डेंगू के लक्षण ही पाए जा रहे हैं। हालांकि, रविवार को चार नए मरीजों की पुष्टि की गई। दर्जनों संदिग्ध मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मलेरिया विभाग की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में लार्वा रोधी कार्रवाई व जनजागरूकता अभियान चलाया। लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि घर के आसपास जमा हुआ पानी न रहने दें। कूलर व फ्रीज की ट्रे की नियमित सफाई करते रहें। 

खैर में मिले डेंगू के कई संदिग्ध मरीज

खैर। तहसील क्षेञ के गांव लक्ष्मनगढ़ी में महिला समेत दो लोगों को तेज बुखार व डेंगू के अन्य लक्षण पाए हैं। पहले आसपास के मरीजों से इलाज चलता रहा। इससे दवा बंद करते ही बुखार चढ़ने लगा। गांव निवासी बुखार से ग्रस्त युवक को स्वजन अलीगढ़ के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच में प्लेटलेट्स करीब 20 हजार आईं। स्वजनों के अनुसार डाक्टर ने डेंगू की बात कही है। गांव लक्ष्मनगढी निवासी डा. महेश जादौन ने बताया कि आधा दर्जन लोगों को गांव में कई दिनों से बुखार आ रहा है। कई लोगों का टेस्ट भी कराया गया, सभी का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

21 टीमों ने की लार्वा रोधी कार्रवाई

जिला मलेरिया अधिकारी डा. राहुल कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में नगरीय क्षेत्र में आठ व ग्रामीण क्षेत्रों में 13 टीमों ने लार्वा रोधी कार्रवाई की। 481 कूलर, 902 कंटेनर एवं अन्य पात्रों को चेक किया गया, जिसमें 27 पात्र धनात्मक पाए गए। नगरीय क्षेत्र में लार्वा रोधी दवा पायरेथ्रम का छिड़काव करते हुए जन जागरूकता अभियान चलाया। लोगों को क्या करें क्या ना करें कि पंफलेट बांटी। लोगों से अपने आसपास पानी इकट्ठा ना होने देने, इकट्ठे पानी में जला हुआ मोबिल आयल डालने, मच्छरदानी में सोने, कूड़े कचरे का निस्तारण करने की अपील की गई।

Edited By: Anil Kushwaha