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अलीगढ़ के हर ब्लाक से निकलेंगी दंगल गर्ल, देंगी मुंहतोड़ जवाब, जानिए मामला

कक्षा एक से आठ तक के सरकारी स्कूलों व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं को खेलों से जोड़ने की मुहिम जिले में रफ्तार पकड़ने वाली है। अब हर ब्लाक से दंगल गर्ल तैयार होंगी। अधिकारियों व पीटीआइ की ओर से नई पहल की जा रही है।

By Sandeep Kumar SaxenaEdited By: Published: Wed, 05 May 2021 11:11 AM (IST)Updated: Wed, 05 May 2021 11:11 AM (IST)
अलीगढ़ के हर ब्लाक से निकलेंगी दंगल गर्ल, देंगी मुंहतोड़ जवाब, जानिए मामला
छात्राओं को खेलों से जोड़ने की मुहिम जिले में रफ्तार पकड़ने वाली है।

अलीगढ़, जेएनएन। बेटियों को मजबूत बनाने के लिए मिशन शक्ति, आत्मरक्षा अभियान आदि कार्यक्रम चलाए जाते हैं। मगर अपने घर-परिवार, आस-पड़ोस ही तमाम धाकड़ बेटियां भी रहती हैं जिनकी प्रतिभा निखारने की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। अगर ध्यान दिया जाए तो सिर्फ प्रतिभा ही नहीं निखरेगी बल्कि बेटियां सशक्त होकर समाज में अपने दम पर मजबूती से कहीं भी आ-जा सकेंगी। मगर अब इसकी पहल जमीनी स्तर से करने की तैयारी हो गई है। ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों यानी कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों में तमाम बेटियां पढ़ती हैं। इनमें से कई बालिकाएं कुश्ती खेल की महारथी भी होती हैं। अब उनको चिह्नित कर बेहतर प्रशिक्षण दिया जाएगा। हालांकि ये काम कोरोना संक्रमण से निजात मिलने के बाद स्कूल खुलने पर ही किया जाएगा।

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यह है दंगल गर्ल बनाने की रणनीति

कक्षा एक से आठ तक के सरकारी स्कूलों व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं को खेलों से जोड़ने की मुहिम जिले में रफ्तार पकड़ने वाली है। अब हर ब्लाक से ''दंगल गर्ल'' तैयार होंगी। जिलास्तर पर अधिकारियों व पीटीआइ की ओर से नई पहल की जा रही है। कुश्ती खेल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को चिह्नित किया जाएगा। ब्लाकस्तर पर हो चुकी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने व पहले तीन स्थान पर काबिज होने वाली छात्राओं की सूची जिला पीटीआइ तैयार करेंगे। इनका नाम खेलो इंडिया एप पर भी पंजीकृत किया जाएगा। जिला पीटीआइ सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि, जिले में बेटियों को खेलों से जोड़ने के तहत ही बास्केटबॉल पोल लगाकर उसका प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की है। अब ब्लाकस्तर पर कुश्ती खेल में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं की सूची तैयार की जा रही है। कोविड-19 संक्रमण के बाद जब स्कूल खुलेंगे तो छात्राओं का ट्रायल कराकर उत्कृष्ट प्रतिभाएं चुनी जाएंगी। शुरुआती चरण में कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं को चुना जाएगा। इनको कुश्ती का प्रशिक्षण प्वाइंट के आधार पर दिया जाएगा। जिला से लेकर राज्यस्तर व राष्ट्रीयस्तर तक की प्रतियोगिताओं के लिए बेटियों को तैयार किया जाएगा।

बालिका कुश्ती की प्रतिभाएं प्रशिक्षित होंगी

बीएसए डा. लक्ष्मीकांत पांडेय ने कहा कि बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए जो भी कदम उठाए जा रहे हैं, उनमें हर संभव मदद विभाग की ओर से की जाएगी। कोरोना काल से राहत मिलने के बाद जब विद्यालयों का संचालन शुरू होगा तो बालिका कुश्ती की प्रतिभाओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित कराया जाएगा।


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