शहर से बाहर होंगी डेरी: अलीगढ़ में बनेगी नई कैटल कॉलोनी, गुरसिकरन गांव में 1.98 करोड़ में मिलेगी जमीन
अलीगढ़ में शहर की डेरियों से होने वाली गंदगी और समस्याओं को दूर करने के लिए कैटल कॉलोनी विकसित की ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
गुरसिकरन गांव में 0.80 हेक्टेयर भूमि चयनित
एडीए 1.98 करोड़ रुपये में जमीन का अधिग्रहण करेगा
शहर की 315 डेरियों को यहां स्थानांतरित किया जाएगा
सुरजीत पुंढीर, अलीगढ़। शहर में डेरियां होने वाली गंदगी व पशुओं के कारण पैदा होने वाली समस्याओं से निजात दिलाने की दिशा में कैटल कालोनी विकसित करने की कवायद अब आगे बढ़ गई है। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) ने इसके लिए गुरसिकरन गांव में गाटा संख्या 703/4 की 0.800 हेक्टेयर ऊसर भूमि का चयन किया है। अब इसी जमीन पर कैटल कालोनी विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए एडीए जमीन को प्रशासन से पुनर्ग्रहित कराएगा।
जमीन के पुनर्ग्रहण के लिए प्राधिकरण को 1.98 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। मंडलायुक्त ओम प्रकाश आर्य ने इसके लिए अनुमति दे दी है।
ऊसर भूमि पर डेयरी संचालकों व पशुपालकों को आवंटित होगा भूखंड
कैटल कॉलोनी विकसित होने के बाद शहर में संचालित डेरियों व पशुपालन से जुड़े लोगों को यहां स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य शहर के रिहायशी व व्यावसायिक क्षेत्रों में संचालित डेरियों को व्यवस्थित स्थान पर शिफ्ट करना है। वर्तमान में बड़ी संख्या में डेरी आबादी के बीच संचालित होने से पशुओं के कारण गंदगी और यातायात संबंधी समस्याएं भी सामने आती हैं। इसके लिए नगर निगम कई बार अभियान भी चला चुके हैं। इसमें डेरी संचालकों से भी गंदगी न करने की अपील की गई है।
एडीए पिछले आठ वर्ष से शहर में कर रहा था जमीन को लेकर तलाश
इसी क्रम में शहर में डेरियों से फैलने वाली गंदगी का मामला वर्ष 2018 में हाईकोर्ट तक पहुंचा था। याचिका में शहर में पशुओं व डेरियों से होने वाली गंदगी से निजात दिलाने की मांग की गई थी। इस पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था। सरकार की ओर से अदालत में हलफनामा दाखिल कर प्रत्येक शहर में कैटल कॉलोनी विकसित करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद अलीगढ़ में भी एडीए को इसके लिए जमीन तलाशने की जिम्मेदारी दी गई। पिछले आठ वर्ष से शहर में जमीन की तलाश चल रही थी। अब इस जमीन पर मुहर लग गई थी।
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315 डेरी संचालक किए गए चिह्नित
शहर से डेरियों की शिफ्टिंग के लिए नगर निगम स्तर से भी कार्रवाई चल रही है। अब तक करीब 210 डेरी संचालकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। कुल 315 डेयरी संचालकों को शिफ्टिंग के दायरे में चिह्नित किया गया है। कैटल कॉलोनी तैयार होने के बाद इन डेयरी संचालकों और पशुपालकों को वहां प्लाट के हिसाब से जगह देने की योजना है। कालोनी में पशुओं के लिए चारे व पानी की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। घुमंतू पशुओं को रखने की व्यवस्था भी की जाएगी।
