अलीगढ़ (जेएनएन)। पाकिस्तान के जनक मुहम्मद अली जिन्ना पर हुए बवाल में एएमयू छात्रसंघ अध्यक्ष समेत अन्य छात्र नेताओं पर दर्ज मुकदमे की विवेचना क्राइम ब्रांच करेगी। अब तक क्वार्सी पुलिस कर रही थी। एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष समेत अन्य छात्र नेताओं के विरुद्ध दर्ज मुकदमे की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। हमले में सीओ तृतीय खुद भी घायल हुए थे, इसलिए उन्होंने क्राइम ब्रांच से जांच कराने की लिखित में मांग की थी। 

 

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के यूनियन हॉल में लगी मुहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर हुए विवाद के बाद दो मई को बवाल हुआ था। एएमयू छात्रों की भीड़ को थाना सिविल लाइंस जाने से रोकने पर पुलिस पर पथराव किया गया था। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस का प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। प्रकरण में सिविल लाइंस पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए। तत्कालीन इंस्पेक्टर जावेद खां की ओर से दर्ज मुकदमे में छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी, फैजुल हसन, आसर, मोहम्मद जैद समेत आधा दर्जन को नामजद करते हुए 300 अज्ञात छात्रों को बलवे, जानलेवा हमले, पथराव आदि धाराओं में आरोपित किया था।

मोहम्मद अली जिन्ना की फोटो को लेकर बवाल के बाद हुए हमले में एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ तृतीय संजीव दीक्षित, इंस्पेक्टर, अकराबाद इंस्पेक्टर विनोद कुमार, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस समेत 12 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। मुकदमे में 300 अज्ञात छात्र पहले ही हटाए जा चुके हैं। दूसरा मुकदमा एएमयू सुरक्षाकर्मी असलम की ओर से दर्ज हुआ है, जिसमें पांच-छह अज्ञात लोगों के विरुद्ध मारपीट, जबरन कैंपस में घुसने का प्रयास करने जैसे आरोप लगाए गए थे।

 

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Posted By: Nawal Mishra