गौरव दुबे, अलीगढ़। कोविड-19 के दौर में इंसान की जीवन शैली से लेकर दिनचर्या तक सब बदली है। मगर अब कोरोना ने प्रदेशस्तर व राष्ट्रस्तर पर स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप के आयोजन के तरीके में भी बदलाव कर दिया है। यह बदलाव एथलीट्स के लिए फायदेमंद भी रहेगा। नई व्यवस्था के तहत देशभर में किसी भी स्टेट के नाम से प्रतियोगिता तो एक ही होगी लेकिन इसके इवेंट अलग-अलग जिलों में होंगे। कोरोना काल में बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए ये कदम उठाया गया है। अलग-अलग जिलों में इवेंट होंगे तो एक साथ एथलीट की भारी भीड़ नहीं जुटेगी।

अलग अलग जिलों में होगी प्रतियोगिता 

एथलेटिक्स में दौड़ जैसे 100 मीटर, 200 मीटर, 400, 600, 800 मीटर, 1500 मीटर आदि, थ्रो में भाला फेंक, गोला फेंक, चक्का फेंक आदि और जंप में हाईजंप, लांग जंप आदि इवेंट को अलग-अलग जिलों मेें आयोजित कराने के लिए बांटा जाएगा। इससे एथलीट को फायदा ये मिलेगा कि अगर अलीगढ़ से रेस के एथलीट हों और दौड़ मेरठ या आगरा में रखी गई तो यहां के खिलाड़ी को कोरोना काल में तीन दिन बाहर रुकने के बजाय एक दिन ही उस जिले में जाकर प्रतिभाग करना होगा। आमतौर पर एथलीट दूसरे जिलों में तीन दिन पहले जाते हैं। इस संबंध में एथलेटिक्स फेडरेशन आफ इंडिया की ओर से व्यवस्था बनाने संबंधी पत्र भी जारी किया गया है। 

खिलाड़ी को देनी होगी निगेटिव रिपोर्ट 

यूपी एथलेटिक्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव शमशाद निसार आजमी ने बताया कि प्रदेश या राष्ट्रस्तरीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में प्रतिभाग करने के लिए पंजीकरण कराने से पहले हर एथलीट को कोविड-19 टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट देनी होगी। तभी उनको प्रतियोगिता के लिए पंजीकृत किया जाएगा। जिलास्तर पर तो ट्रायल लेने से पहले ही कोविड-19 जांच निगेटिव का प्रमाणपत्र मांगा जाएगा।

खिलाड़ियों के बोल 

अलग-अलग जिलों मेें इवेंट कराने से खिलाड़ियों को काफी फायदा होगा। दूसरे जिले मेें कोरोना काल में ज्यादा दिन रुकने व ठहरने की समस्या खत्म होगी। इससे खेल पर भी फोकस हो सकेगा। 

लोकेश कुमार बघेल, 800 मीटर दौड़ 

अलग-अलग इवेंट अलग-अलग जिलों मेें बांटकर कराने से संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा। साथ ही खिलाड़ियों को भी राहत देने वाला फैसला है। अभिभावकों की टेंशन भी दूर होगी। 

भूपेश यादव, लंबी कूद

कोरोना काल में इस फैसले से सभी काे फायदा होगा। खासतौर से बालिका खिलाड़ियों के लिए काफी राहत भरा फैसला है। आस-पास जिले में जाने की दिक्कत भी नहीं होगी।  

आलिया राशिद, 200 मी. दौड़ (एएमयू)

एथलेटिक्स के अलग-अलग इवेंट्स अलग जिलों में कराने से निश्चित ही एथलीट्स को फायदा होगा। कोरोना काल मेें खिलाड़ी हित में लिया गया शानदार फैसला है। परिजनों को भी टेंशन नहीं होगी। 

पूर्णिमा शर्मा, 3000 मी. दौड़ 

इनका कहना है

 

कोरोना काल में संक्रमण न फैले, खिलाड़ियों को नुकसान न हो इसलिए चैंपियनशिप के इवेंट्स को अलग-अलग हिस्सों में कराने के फैसले पर मुहर लगाई है। सभी स्टेट व जिलों को इस संबंध में पत्र जारी किया गया है।

पीके श्रीवास्तव, महासचिव, यूपी एथलेटिक्स एसोसिएशन

 

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