अलीगढ़, जेएनएन । कोरोना शहरों में ही नहीं अपितु गांव में भी तेजी से इसका प्रकोप बढ़ रहा है। हालांकि जांचें न हो पाने के कारण कोरोना प्रमाणित तो नहीं हो पा रहा है लेकिन क्षेत्र के हर गांव में करीब सप्ताह से लगातार हो रही मौतों से लोग दहशत में है। जवा में ही एक सप्ताह में सत्येंद्र शर्मा, नन्नू सिंह, महिपाल डीलर, हीरो ड्राइवर, शकुंतला देवी, व एक प्राइवेट चिकित्सक की मां सहित करीब 7 लोग काल के गाल में समा चुके हैं। हालांकि इसमें केवल एक महिला को छोड़कर कोरोना की कहीं पुष्टि नहीं हुईI इसी तरह बरौली में भी पंकज आचार्य, इकबाल खान, ओमप्रकाश महेश्वरी, पोखर गढ़ी के राशन डीलर केशव देव, कुंवर पाल सिंह, दीपचंद अग्रवाल, सहित करीब 8 लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें दीपचंद अग्रवाल को छोड़कर कोई भी कोरोना पॉजिटिव नहीं था। कासिमपुर पावर हाउस में तो करीब दो दर्जन लोग काल के गाल में समा चुके हैं, यहां एक सौ से अधिक लोगों की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। जिसमें कई लोग ठीक भी हो चुके हैं एवं कई लोगों का अभी भी विभिन्न प्राइवेट व कोविड अस्पतालों में इलाज चल रहा है। 

बुरी तरह भयभीत हैं लोग

अक्सर देखा जाए तो लोगों को पहले दिन शुरू में शरीर में तेज हरारत होती है,अगले दिन उसे तेज बुखार होता है टेस्ट कराने पर पैथोलॉजी रिपोर्ट में टाइफाइड शो होता है एवं तीन दिन में ही बुखार से पीड़ित की मौत भी हो जाती है। ज्यादातर लोग आरटीपीसी टेस्ट भी नहीं करवा पाते एवं पीड़ित की मौत हो जाती है। लोगों का मानना है की वायुमंडल में कोरोना से मिलता जुलता कोई और घातक वायरस तो नहीं आ गया इसे लेकर लोगों में भय है।