अलीगढ़, जागरण संवाददाता। बढ़ते कोरोना संक्रमण के खिलाफ टीकाकरण ही सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है। टीके लगने के कारण ही संक्रमित होने के बावजूद रोगियों के अस्पताल में भर्ती होने की नौबत नहीं आ रही। जिले में 1300 से अधिक सक्रिय रोगी है। इनमें से कुछ रोगी ही अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें भी वे रोगी है, जो पहले से किसी अन्य बीमारी से ग्रस्त हो। लिहाजा, स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण अभियान को युद्ध स्तर पर चला रहा है। अब तक 40 लाख से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। आज भी 345 बूथों पर टीकाकरण की योजना बनाई गई है।

आज 345 बूथों पर होगा कोराना टीकाकरण

  सीएमओ डा. नीरज त्यागी ने बतायाकि मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल, मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय, सभी अर्बन पीएचसी, ग्रामीण क्षेत्र में सभी सीएचसी, पीएचसी, सब सेंटर पर टीकाकरण शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा मोबाइल टीमें घर-घर जाकर टीके लगाएंगी। लेकिन, टीमें घर आएंगी यह सोचकर स्वयं टीका लगवाने से पीछे न हटें। बल्कि, जल्द से जल्द जाकर टीका लगवा लें। क्योंकि, विशेषज्ञों ने दिसंबर के अंत या जनवरी के शुरुआत में ओमिक्रोन के फैलने की आशंका जताई है। इस वायरस का संक्रमण कोविड प्रोटोकाल के अलावा टीकाकरण से ही रोका जा सकता है। जिन लोगों ने पहला टीका लगवा लिया है, वे आज ही शेड्यूल के अनुसार दूसरा टीका लगवा लें।

स्वस्थ रहना जरूरी

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एमके माथुर का कहना है कि शरीर ही सभी धर्मों को पूरा करने का माध्यम है। इसलिए इसका स्वस्थ रहना जरूरी है। कोरोना से शरीर को टीका ही बचा सकता है। हमारे चिकित्सकों के एक साल के अथक प्रयास के बाद टीका बना है। इसलिए बेहिचक टीका लगवाइए।

जिले में 1330 सक्रिय रोगी

जिले में कोरोना संक्रमण का प्रकोप निरंतर बढ़ रहा है। शुक्रवार को फिर रिकार्ड 272 संक्रमित रोगी सामने आए। इनमें 50 फीसद रोगी 18 से 40 वर्ष आयु के हैं। 21 बच्चे भी संक्रमित हुए हैं। जबकि, मात्र तीन से चार हजार लोगों के सैंपल ही रोजाना हो पा रहे हैं। इससे साफ है कि संक्रमित रोगियों की संख्या इससे अधिक हो सकती है, लेकिन सैंपङ्क्षलग व पर्याप्त स्क्रीङ्क्षनग न होने से सामने नहीं आ पा रहे। लोग भी खूब लापरवाही बरत रहे हैं। यही हालात रहे तो जनवरी में ही हर चौथा-पांचवा व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो सकता। इसलिए अब कोई ढिलाई न बरतें, यही सलाह विशेषज्ञों की ओर से दी गई है। जिस रफ्तार से कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़ रही है, उससे देखते हुए हर किसी को अब कोविड प्रोटोकाल का पालन सख्ती से शुरू कर देना चाहिए। कोविड प्रोटोकाल के नियमों को लोग जितना जल्दी अपनी दिनचर्या में शामिल कर लेंगे उतना ही वे और उनका परिवार सुरक्षित रहेगा। शुक्रवार तक ही सक्रिय रोगियों की संख्या 1330 पहुंच गई है। ये स्थिति 95 रोगियों के डिस्चार्ज होने की बाद की है। जनपद में पहली लहर से अब तक 22 हजार 899 संक्रमित रोगी सामने आ चुके हैं। 106 रोगियों की मृत्यु का कारण कोरोना का माना गया।

बढ़ाने ही होगी स्क्रीनिंग

दूसरी लहर में इतने रोगी सामने आने के बाद युद्ध स्तर पर कई बार डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया। निगरानी समितियों ने संदिग्ध रोगियों को चिह्नित कर स्वयं सैंपल लिए और दवा भी उपलब्ध कराई। इस बार 200-300 घरों तक समितियां पहुंच रही हैं। इतनी ही लगभग किट बांटी जा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का सैंपङ्क्षलग के साथ टीकाकरण पर खासा जोर है। लेकिन, अब स्क्रीङ्क्षनग पर ध्यान देना होगा। स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध व्यक्तियों को डाक्टर की सलाह से स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचकर कोविड-19 जांच कराने की अपील की है।

ऐसे बढ़ रहा संक्रमण

दिनांक, रोगी

14 जनवरी, 272

13 जनवरी, 235

12 जनवरी, 185

11 जनवरी, 258

10 जनवरी, 158

09 जनवरी, 123

08 जनवरी, 94

07 जनवरी, 95

06 जनवरी, 65

ऐसे करें बचाव

- चेहरे पर मास्क, रूमाल, स्कार्फ आदि जरूर बांधें।

- संभव हो तो बाहर भी हाथों को सैनिटाइज करते रहें।

- लोगों से कम से कम दो गज की दूरी बनाए रखें।

- बाहर से घर लौटें तो कोहनी से ही दरवाजा खोलने का प्रयास करें।

- बाहर से लौटकर सबसे पहले साबुन से हाथ धोएं।

- भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें।

- एटीएम या बायोमेट्रिक का प्रयोग करने के बाद हाथ सैनिटाइज करें।

कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या को रोकने के लिए मास्क और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करना बहुत अनिवार्य है। भीड़भाड़ वाली जगह पर जाएं तो बिना जरूर होना चाहिए। सभी लोग टीकाकरण कराएं। जिन लोगों ने अभी तक पहला या दूसरा टीका नहीं लगवाया है, वे अब देर न करें।

- डा. नीरज त्यागी, सीएमओ।