अलीगढ़, जागरण संवाददाता। कोरोना संकट ने हर क्षेत्र में बदलाव किए। शिक्षा भी अछूती न रही। बच्चों ने घरों में पढ़ाई की, कापी-किताब की जगह हाथों में मोबाइल, टैबलेट नजर आए। आनलाइन क्लास चलीं। शिक्षा में आए इस तकनीकी बदलाव पर सोमवार को तालानगरी स्थित दैनिक जागरण कार्यालय पर प्रधानाचार्यों की परिचर्चा हुई।

शहर के प्रमुख स्‍कूलों के प्रधानाचार्यों ने विचार प्रकट किए

अमृता विश्व विद्यापीठम के एकेडमिक मैनेजर एंड काउंसलर शौरी कुटप्पा ने परिचर्चा में शामिल शहर के प्रमुख स्कूलों के प्रधानाचार्यों के विचार सुने और अपनी भी राय दी। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के चलते शिक्षा क्षेत्र में कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। मगर इस संकट ने नए रास्ते भी दिखाए। कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल से शिक्षक विवेक कुमार ने तकनीकी शिक्षा पर जोर दिया। डीएवी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा. विपिन कुमार वाष्र्णेय ने कहा कि बच्चों के अलावा शिक्षकों को भी कंप्यूटर का ज्ञान होना चाहिए। मदर्स टच सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रधानाचार्य आरती मित्तल ने कहा कि बच्चों की काउंसलिंग जरूरी है, जिससे पता चल सके कि उन्हें आगे क्या करना है?

समय के साथ शिक्षकों को अपडेट रहना होगा 

ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य श्याम कुंतेल ने कहा कि शिक्षकों को भी अपडेट रहना होगा। स्कूल स्तर पर ही काउंसलिंग कर बच्चों की रुचि जानने के प्रयास होने चाहिए। स्कूलों में कोचिंग की व्यवस्था होनी चाहिए। उदय सिंह जैन इंटर कालेज की प्रधानाचार्य प्रियंका जैन ने बेसिक शिक्षा को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को सिर्फ पढ़ाने दिया जाए, अन्य कार्य न कराए जाएं। परिचर्चा में अग्रसेन इंटर कालेज, हरदुआगंज के प्रधानाचार्य डा. एसडी रावत, एसएमबी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य केके शर्मा, हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य मोहम्मद आसिम रूमी, डीएस इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा. कौशलेंद्र कुमार, रघुवीर सराय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार, चंपा अग्रवाल कन्या इंटर कालेज की प्रधानाचार्य हेमलता सिंह आदि शामिल हुए।

Edited By: Anil Kushwaha