अलीगढ़, जागरण संवाददाता। गभाना प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के शुक्रवार को अलीगढ़ में एक कार्यक्रम में भाग लेने आने व किसान संगठनों के विरोध को देखते हुए पुलिस प्रशासनिक अफसर मुस्तैद हैं। इसी क्रम में मुजफ्फरनगर से कारों के लंबे काफिले से अलीगढ़ में कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे भाकियू किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवनीत पवार के काफिले को गभाना टोल प्लाजा पर रोक लिया गया। इस दौरान उनकी पुलिस- प्रशासनिक अफसरों से जमकर नोकझोंक हुई। किसान नेता अलीगढ़ जाने की जिद पर अड़ गए जबकि अफसर उन्हें यहीं ज्ञापन लेकर वापस भेजना चाहते थे। इस पर उन्होंने अपने सैकड़ों किसान साथियों के साथ अलीगढ़ पैदल मार्च करने का ऐलान कर दिया। वे पैदल ही मार्च करते हुए तहसील कार्यालय तक पहुंच गए। हालांकि बाद में उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों ने जाने की अनुमति दे दी। जिसके बाद वे अलीगढ़ रवाना हो गए।

किसानों की पुलिस से नोकझोंक

भाकियू किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवनीत पवार का अलीगढ़ में एक कार्यक्रम था। जिला प्रशासन को किसान नेता के कार्यक्रम की जानकारी हुई तो उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के शहर में मौजूद रहने और किसानों के विरोध को देखते हुए एहतियातन प्रशासनिक अधिकारियों ने गभाना टोल प्लाजा पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी। दोपहर 12:30 बजे जैसे ही भाकियू किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष का काफिला टोल प्लाजा पर पहुंचा तो यहां मौजूद अफसरों ने काफिले को रोक लिया। अफसरों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को टोल पर ही ज्ञापन देकर वापस दिल्ली जाने को कहा, लेकिन वह हर कीमत पर अलीगढ़ जाने की जिद पर अड़ गए। इस दौरान उनकी अफसरों से जमकर नोकझोंक भी हुई। 

पैदल जाने पर अधिकारियों ने दी अनुमति

राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने किसान साथियों के साथ काफिले को छोड़कर पैदल मार्च करते हुए तहसील तिराहे तक पहुंच गए। यहां फिर से पुलिस प्रशासनिक अफसरों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी बीच जिला मुख्यालय से अफसरों ने किसान नेता को न रोकने का फरमान जारी कर दिया। इसके बाद उनके काफिले को अलीगढ़ जाने और कार्यक्रम में सम्मिलित होने की अनुमति दे दी गई। यहां किसान नेता को रोकने के लिए एएसपी गभाना मनीष शांडिल्य, एसएसआई रंजीत कटारा आदि भारी फोर्स के साथ मौजूद रहे।