अलीगढ़, जागरण  संवाददाता। छर्रा विधानसभा क्षेत्र के गंगीरी ब्लाक में गंगीरी निकट धर्मकांटा से नगला हिमाचल वाया रतरोई की सड़क का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि आदेशों के बाद भी शासन से स्वीकृति के आधार पर सड़क का निर्माण नहीं हो रहा है। ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। विभागीय अफसर भी सुन नहीं रहे हैं। अब डीएम की तरफ से इन नगला हिमाचल के इन लोगों को समस्या समाधान का भरोसा दिया है।

यह है मामला

सोमवार को डीएम सेल्वा कुमार जे से मिलने पहुंचे गंगीरी ब्लाक के नगला हिमाचत के लोगों ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले में कुल 13 नई सड़कें स्वीकृत हुई हैं। इनमें गंगीरी क्षेत्र की गंगीरी निकट धर्मकांटा से नगला हिमाचल वाया रतरेाई की सड़क भी शामिल है। हाथरस सांसद राजवीर दिलेर व छर्रा विधायक रवेंद्र पाल सिंह के प्रस्ताव पर इसका प्रस्ताव बना था। पिछले दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ ने वर्चुली लखनऊ से इस सड़क के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया था। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी मिली है। कुल सड़क की लंबाई 6.10 किमी व लागत 3.97 करोड़ रुपये है। शुभारंभ के कुछ दिनों बाद ठेकेदार ने इसका निर्माण शुरू कर दिया, लेकिन स्वीकृति व शिलान्यास बोर्ड में जिस जगह से निर्माण कार्य शुरू दिखाया गया है्र वहां से काम न करके दूसरी सड़क हुसेपुर देहमाफी से रतरोई वाया बूढ़ागांव पर काम शुरू कर दिया। इस पर क्षेत्रीय लोगों ने क्षेत्रीय विधायक रवेंद्र पाल सिंह से इसकी आपत्ति की। उनका तर्क था कि जब स्वीकृति में गंगीरी निकट धर्मकांटे से सड़क का निर्माण शुरू दिखाया गया है तो दूसरी सड़क पर कार्य क्यों हो रहा है।

विधायक ने दी डीएम को जानकारी

क्षेत्रीय विधायक ने डीएम सेल्वा कुमारी जे के संज्ञान में पूरा मामला डाला। इस पर अब निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही स्वीकृति के आधार पर काम करने के निर्देश दिए गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आदेशों के बाद भी कार्यदायी संस्था मै अनुलता कंस्ट्रक्शन द्वारा गलत निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने मांग की सड़क का जल्द स्वीकृति के हिसाब से निर्माण किया जाए। इस मौके पर गंगा सिंह, चेतराम, आराम सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।