हाथरस [जेएनएन]:  नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर को सिकंदराराऊ में हुए बवाल के दौरान पथराव करने के आरोपित नगला शीशगर निवासी नवेद अहमद खान पुत्र मंजूर अहमद को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। वह अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष होने के साथ-साथ कांग्रेस का नेता भी हैं। इससे पहले तीन आरोपित जेल भेजे जा चुके हैं। चौथे आरोपित नावेद की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्र्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। देर रात तक वे रिहाई और मुकदमा खत्म करने की मांग पर अड़े हुए थे। उनका कहना है कि नवेद को गलत फंसाया गया है। देर रात तक वे रिहाई और मुकदमा खत्म करने की मांग पर अड़े हुए थे।

यह है मामला

20 दिसंबर को जामा मस्जिद की ओर नारेबाजी एवं विरोध प्रदर्शन करते हुए जा रही भीड़ को रोकने के दौरान नगर की फिजा खराब की गई थी। पथराव कर रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। इस मामले मेंं 250-300 अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की थी। कोतवाल प्रवेश राणा ने बताया कि पुलिस ने 17 लोगों को वीडियोग्राफी एवं फोटो के आधार पर पत्थरबाज के रूप में चिह्नित किया है। इनके पोस्टर कोतवाली एवं नगर में लगाए जाएंगे। किसी भी उपद्रवी को छोड़ा नहीं जाएगा।

धरना खत्म

धरना दे रहे कांग्रेसियों को थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पूरे सुबूत हैं। वीडियो में सब कुछ स्पष्ट है। बावजूद शिकायत है तो कप्तान से कांग्रेसी मिले। इसके बाद कांग्रेसियों धरना समाप्त कर दिया।

उपद्रवी के पोस्टर लगाए

कोतवाल प्रवेश राणा ने बताया कि पुलिस ने 17 लोगों को वीडियोग्राफी एवं फोटो के आधार पर पत्थरबाज के रूप में चिह्नित किया है। इनके पोस्टर कोतवाली एवं नगर में लगाए जाएंगे। किसी भी उपद्रवी को छोड़ा नहीं जाएगा।

Posted By: Sandeep Saxena

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