अलीगढ़, जेएनएन। सरसों का तेल 180 से 190, रिफाइंड 155 से 160 रुपये प्रतिलीटर व चीनी 40 से 42 प्रतिकिलो तक गली, मोहल्लों की किराना व प्रोवीजन स्टोर पर मिल रहे हैं। शहर के रामघाट रोड, मदारगेट, नौरंगाबाद, छाबनी व रामघाट रोड की दुकानों पर इन खाद्य वस्तुओं के रेटों में पांच से 15 प्रति खाद्य वस्तु के अंतर है। कांग्रेस ने इस कालाबाजारी का आरोप जिला प्रशासन व सत्ताधारी दल भाजपा के नेताओं पर लगाया है।
पेट्रोल-डीजल में बढ़ोतरी 
महानगर अध्यक्ष परवेज अहमद, पीसीसी सदस्य वीर सिंह बंजारा, सोशल मीडिया प्रदेश सचिव रामगोपाल रैना, मुस्ताक अहमद, बृजपाल सिंह राणा ने कहा की सरकार कोरोना महामारी की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटिया सेक रही है। व्यापारी वर्ग को कालाबाजारी करने की छूट दे रखी है। खाद्य पदार्थों सरसों का तेल, रिफाइंड, चीनी व अन्य खाद्य वस्तुओं के महावीरगंज व अन्य बाजारों की विभिन्न दुकारों पर भारी अंतर देखने को मिल रहा है। इन्होंने इस कालाबाजारी से गरीब, मेहनत कस लोगों पर अतिरिक्त भार डालने का जिम्मेदार बताया है। कालाबाजारी पर छापेमारी निर्धारित कर उचित रेटो पर खाद्य सामग्री की बिक्री कराया जाए। दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाही की जाए। केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल में की गई बढ़ोतरी वापस ले। इससे महंगाई पर रोक लग सके।
 
वेंटिलेटर जैसे उपकरण तक उपलब्ध नही 
परवेज अहमद व बंजारा ने कहा कि महंगाई से जनता की कमर टूट रही है। वहीं केंद्र सरकार ने जनता को राहत देने की जगह पेट्रोल डीजल के दामों में भारी वृद्धि का दौर जारी रखा है। पिछले नौ दिन में पेट्रोल दो रुपया प्रतिलीटर महंगी हुई है। इससे आम जनता में रोष है। देश -प्रदेश की सभी स्वास्थ्य सेवा चरमरा गईं हैं। संक्रमित मरीजों को ना दवा मिल रही, ना बैड मिल रहे हैं। जीवन रक्षक संयत्र मिल नहीं रहे। आक्सीजन वेंटिलेटर जैसे उपकरण तक उपलब्ध नही हो पा रहे है।
 
विधानसभा चुनावों से चली दूसरी लहर
युवक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव जियाउर्रहमान ने दावा किया है कि कोरोना की दूसरी लहर हाल ही में हुए देश के विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों से चली है। सरकार चुनाव में रैलियां करा रही थी। भाजपा ने भीड़ जुटाने के लिए हर संभव प्रयास किए। रही सही कसर उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव ने पूरी कर दी। देश में रिकार्ड महामारी से मौत व संक्रमण की वजह ही यही चुनाव हैं।
 
भुखमरी की कगार पर जनता
ठा. अमित सिंह ने केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार आरोप लगाया है कि अगर सरकार विधानसभा चुनावों को टाल देती तो महामारी से इतना बुरा हाल नहीं होता। फैक्ट्रियां बंद हैं। प्रदेश में पिछले 14 दिन से जनता कर्फ्यू जड़ा हुआ है। दिल्ली-एनसीआर सहित अन्य राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मजदूर वापस आ गए हैं। यह तबका भुखमरी का शिकार हो रहा है। दिल्ली राज्य की तरह उत्तर प्रदेश में भी तीन माह तक राशन कार्ड धारकों को राशन फ्री दिया जाए। मजदूरों को दो हजार रुपया की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। बिना राशन कार्ड वालों को पूर्व के राशन कार्ड पर पहचान पत्र वा आधार कार्ड से राशन दिया जाए।