अलीगढ़, जागरण संवाददाता।  कांग्रेस प्रत्याशी व एएमयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने कहा है कि जिस तरीके से मुझे साजिशन फंसा कर ज़िला बदर किया गया है, इससे ये साफ़ पता चलता है कि विपक्ष में मुझे लेकर कितना खौफ है। वो मुझे किसी भी क़ीमत पर जीतने नहीं देना चाहते। क्योंकि उन्हें इस बात का बहुत अच्छी तरह से अंदाज़ा है कि अगर सलमान इम्तियाज़ इस चुनाव में विजयी हुआ तो जिस तरह की राजनीति करने का इनका मंसूबा है वो उस राजनीति को नहीं कर पाएंगे। अगर शहर की अवाम ने मुझे चुना तो मैं विपक्ष की नफरत की राजनीति, जातिवाद की राजनीति, धर्म के नाम पर की जाने वाली राजनीति, लालच की राजनीति, पावर की राजनीति, पैसे के बल पर राजनीति, शोक की राजनीति नहीं होने दूंगा।

मुझे खुशी है कि मैं अपने मकसद में कामयाब हुआ 

इस बार हर धर्म और हर जाति के लोग ये भलीभांति जानते हैं कि उन्हें कैसा नेता चाहिए। शहर की जनता ये निर्णय कर चुकी है कि इसबार चुनाव में ऐसे प्रतिनिधि को जिताना है जोकि न्याय क़ायम कर सके, और जो मज़लूमो के साथ कंधे से कांधा मिलाकर चल सके, और ज़ालिमों का किसी भी परिस्थिति में डट कर मुक़ाबला कर सके। ज़ालिमों के आगे झुके नहीं। मुझे इस बात की ख़ुशी है कि मैं अपने मक़सद में कामयाब हो गया हू। आज मुझे ज़िला बदर करके ये बात साबित हो गयी है कि इन्साफ का झंडा लेकर चलने वाले सलमान इम्तियाज़ का खौफ ज़ुल्म करने वालों के दिलों मे बैठ चूका है, मैं शहर की अवाम के साथ साथ देश को भी ये बताना चाहता हूं कि सलमान इम्तियाज़ झुकने वाला नहीं है। जिस वर्ग, जिस धर्म के लोगों पर ज़ुल्म किया जायेगा सलमान इम्तियाज़ उनके साथ खड़ा रहेगा चाहे वो दुनिया के किसी भी कौने में ही क्यों न हो।

लड़ता रहूंगा इंसाफ की लड़ाई

सलमान इम्तियाज़ जबतक इन्साफ की लड़ाई लड़ता रहेगा जब तक मेरे जिस्म में खून का एक-एक क़तरा बाक़ी है, और ज़ुल्म तो होता ही है ख़त्म होने के लिए है और हमेशा क़ायम रहता सिर्फ और सिर्फ इन्साफ, सलमान इम्तियाज़ की लड़ाई किसी धर्म, किसी वर्ग से नहीं है।

Edited By: Anil Kushwaha