अलीगढ़, जेएनएन। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने कहा कि हमारा फोकस मरीज की जिंदगी को बचाना होना चाहिए। उनके लिए समय से ऑक्सीजन गैस, दवाओं, वेंटीलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित हो।  मरीजों के लिए वेंटीलेटर, बेड की उपलब्धता व मरीजों को खाना आदि की व्‍यवस्‍था हर हाल में हो। मंडलायुक्त ने कोविड संक्रमण के बढ़ते मरीजों का विधिवत इलाज व ऑक्सीजन की उपलब्धता के निर्देश दिए।

 

ऑक्‍सीजन सिलेंडर के नियंत्रण पर लगे लेखपालों की डयूटी 

यह निर्देश मंडलायुक्‍त गौरव दयाल कलक्ट्रेट सभागार में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने सरकारी व प्राइवेट नर्सिंग होम एल-1 और एल-2 की सुविधाओं के साथ मरीजों का इलाज कर रहे हैं, उन्हें ऑक्सीजन गैस कैसे और किस मात्रा में वितरित की जा रही है कि भी जानकारी की। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में ऑक्सीजन गैस की कमी नहीं होनी चाहिए। अस्पतालों में 10 से 12 ऑक्ज़ीजन सिलेंडर का बैकअप सदैव रहना चाहिए। अस्पतालों में लेखपालों की अतिरिक्त आक्सीजन सिलेंडरों के नियंत्रण के लिए ड्यूटी लगाई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर एवं रेमडिसीवर इंजेक्शन का दुरुपयोग ना होने पाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अस्पतालों में उपकरणों एवं औषधियों की प्रशासन द्वारा जो दरें निर्धारित की गई हैं, उनके अनुसार ही मरीजों से चार्ज लिया जाए। मरीजों के स्वस्थ होने के उपरांत अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उनसे फीडबैक लिया जाए कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा उनसे कितने पैसे वसूले गए हैं। क्या वह चिकित्सकीय इलाज एवं सुविधाओं के एवज में दी गई धनराशि से संतुष्ट हैं।

 रिब्रीदिंग मास्क से बचाएं ऑक्‍सीजन

 मंडलायुक्त ने समीक्षा के दौरान कोविड-19 मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की जानकारी की और कहा कि गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।  चिकित्‍सकीय मरीजों के साथ भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करें, ताकि वह अकेलापन महसूस ना करें।  बैठक में सीएमओ ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि मरीजों को वेंटिलेटर तक ना पहुंचने दिया जाए, उससे पूर्व ही मरीज़ को स्वस्थ किया जाए। वेंटिलेटर पर जाने के बाद मरीजों के बचने की संभावना कम हो जाती है। सीएमओ डॉक्टर बी पी एस कल्याणी ने बताया कि नो रिब्रीदिंग मास्क का प्रयोग कर हम 20 प्रतिशत तक ऑक्सीजन की बचत कर सकते हैं।