अलीगढ़, जागरण संवाददाता। स्‍मार्ट सिटी के तहत हो रहे निर्माण कार्यो की प्रगति पर कमिश्‍नर गौरव दयाल बराबर नजर रखे हुए हैं। कमिश्‍नर ने कई कामों के बारे में सुझाव भी दिए हैं। स्मार्ट रोड में तब्दील हो रहे शहर के वीवीआइपी मार्ग पर सफर करना सुखद एहसास कराएगा। यहां समतल और चौड़ी सड़क, ग्रीन बैल्ट, फुटपाथ, लाइटिंग, सुरक्षा की दृष्टि से जगह-जगह लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी मिलेंगे। यही नहीं, ये स्मार्ट रोड जलभराव की समस्या से मुक्त रहेगा। स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने कुछ ऐसे ही इंतजाम यहां कराए हैं। स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के तहत सड़क की पटरी पर कवर्ड नाला बनाया जा रहा है। इसके जरिए बारिश के पानी की निकासी आसानी से हो सकेगी। मानसून में सड़क पर पानी नहीं भरेगा।

पानी निकासी का नहीं था पुख्‍ता इंतजाम 

शहर की प्रमुख समस्याओं में एक समस्या जलभराव भी है। मानसून में तो सड़कें तालाब सरीखी नजर आती हैं। गली-मोहल्लों का हाल बुरा हो जाता है। ऐसे हालात में नगर निगम पंपिंग स्टेशनों पर ही निर्भर रहता है। पंपिंग स्टेशन चलाकर पानी निकाला जाता है। नालों से बेहिसाब पानी की निकासी नहीं हो पाती। कचरे से चोक हुए नाले सड़कों पर बहते हैं। तालाब, पोखरें तक ओवरफ्लो हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में नगर निगम अधिकारी असहाय नजर आते हैं अौर शहरवासी बेबस हो जाते हैं। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए स्मार्ट सिटी के तहत स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम प्रोजेक्ट तैयार किया गया। पिछले साल ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ है। 139 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के तहत कवर्ड नाले बनाए जा रहे हैं, जिसमें सिर्फ बारिश के पानी की निकासी होगी। घरों से निकले सीवरेज की सीवर लाइन के जरिए निकासी होगी।

अमृत योजना के तहत सीवर लाइन

अमृत योजना के तहत सीवर लाइन डाली जा रही हैं। आबादी वाले इलाकों में जहां-जहां सीवर लाइन डाली जा चुकी हैं, वहां स्मार्ट वाटर ड्रेनेज सिस्टम के तहत नाले बनाए जा रहे हैं। जेल रोड स्थित आवास विकास, चैज कंपाउंड समेत अन्य क्षेत्रों में कवर्ड नाले बना दिए गए हैं। अब स्मार्ट रोड पर भी ये नाले बनाए जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने घंटाघर से एएमयू सर्किल तक मार्ग का स्मार्ट रोड के लिए चयन किया है। लालडिग्गी तिराहे पर आइजी खान चौक का निर्माण पूरा हो चुका है। कर्पूरी ठाकुर चौराहे के सुंदरीकरण का काम अंतिम दौर में है। डिवाइडर, फुटपाथ के अलावा कवर्ड नालों के निर्माण पर काम चल रहा है। नाला निर्माण के लिए सड़क किनारे खड़े पेड़ों को काटा नहीं गया। जहां-जहां पेड़ खड़े थे, वहां से नाला पेड़ों के पीछे से होकर निकाला गया। इससे नाला एक सीध में नहीं बन पा रहा। फुटपाथ के लिए कहीं प्रर्याप्त स्थान है तो कहीं काफी कम जगह बची है।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena