अलीगढ़, जेएनएन।  कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों की सांसों पर संकट आ गया। मरीजों को अस्पतालों में बेड, आक्सीजन व वेंटीलेटर तक नहीं मिल पाए। स्वजन ने मरीजों को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर काटे। करीब दो माह तक हाहाकार की स्थित रही। लोगों में ऐसी दहशत घर कर गई, जिससे लोग अभी तक ठीक से उबर नहीं पाए हैं। अब आगस्त के अंत में तीसरी लहर की संभावना है। खतरा बच्‍चों को ज्यादा बताया जा रहा है। ऐसे में सभी लोगों के जेहन में एक ही सवाल हैं? कि क्या इस बार पहले जैसे हालात नहीं होंगे? इस बारे में शुक्रवार को दैनिक जागरण ने 'तीसरी लहर की कितनी तैयारी' अभियान के अंतिम दिन सीएमओ डा. आनंद कुमार उपाध्याय से विस्तृत चर्चा की। स्वास्थ्य विभाग तीसरी लहर से लडऩे को कितना तैयार हैं? संक्रमण ने घातक रूप लिया तो सबको उपचार कैसे मिलेगा? गंभीर मरीजों के लिए क्या व्यवस्था रहेगी? चिकित्सक व स्टाफ की कमी से कैसे विभाग निबटेगा। बेड, आक्सीजन, वेंटीलेटर, दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? ऐसे सवालों का जवाब देते हुए सीएमओ ने आश्वस्त किया कि भले ही निजी कोविड केयर सेंटर इस बार भी बनाए जाएंगे, लेकिन हम आश्वस्त करते हैं? कि मरीजों को सरकारी कोविड केयर सेंटरों में ही समुचित इलाज मिल जाएगा।

2000 बेड की क्षमता

सीएमओ डा. आनंद कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस बार किसी मरीज को सरकारी अस्पताल से लौटने की नौबत नहीं आए, ऐसा हमारा प्रयास होगा। पिछले बार करीब 1600 बेड के निजी व सरकारी कोविड सेंटर बनाए गए। फिलहाल, संक्रमण खत्म होने के कारण ये सेंटर सक्रिय नहीं है, लेकिन तीसरी लहर के दस्तक देते ही सभी को एक-एक कर सक्रिय कर दिया जाएगा। इसमें दीनदयाल अस्पताल व मेडिकल कालेज में 100-100 बेड, जिला अस्पताल में 50 बेड के पीडियाट्रिक आइसीयू बनकर तैयार हैं। इस बार हमारी कोशिश ज्यादा से ज्यादा सरकारी कोविड सेंटर बनाने की है। लेवल-टू के सेंटर बढ़ाए जाएंगे। मेडिकल कालेज में पिछले लेवल-टू की सुविधाएं मिलीं, इस बार लेवल थ्री में बदलने का प्रयास होगा। इस बार सामान्य मरीजों के लिए भी सेवाएं खुली रखने की तैयारी है।

नए डाक्टरों की नियुक्ति

दूसरी लहर में सरकारी कोविड केयर सेंटरों में स्वस्थ्य विभाग को डाक्टरों की किल्लत भी झेलनी पड़ी। सीएमओ ने कहा कि सभी स्थाई चिकित्सक, संविदा चिकित्सक, आयुष चिकित्सक, डेंटल सर्जन आदि का ब्योरा तैयार कर रहे हैं, ताकि समय रहते शासन से और चिकित्सकों की मांग की जा सके। वाक एंड इंटरव्यू या आउटसोर्सिंग के जरिए चिकित्सक रखने की कोशिश होगी। और भी आपात स्थिति आएगी तो इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, प्राइवेट डाक्टर एसोसिएशन, पीडियाट्रिक एसोसिएशन समेत अन्य संगठनों से मानवता के आधार पर आपदा से निकलने के लिए मदद ली जाएगी। पहले भी निजी चिकित्सक मदद करते रहे हैं। तीन निजी हास्पिटलों को भी पीडियाट्रिक आइसीयू (पीकू) संचालित करने की अनुमति दी जाएगी।

सबको आक्सीजन व वेंटीलेटर

सीएमओ ने बताया कि मेडिकल कालेज में तीन, दीनदयाल अस्पताल में चार, जिला अस्पताल में दो व अतरौली 100 बेड हास्पिटल में दो आक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। जिनकी कुल क्षमता छह हजार लीटर प्रति मिनट से अधिक होगी। आक्सीजन सिलेंडर भी पहले से दोगुनी मात्रा में उपलब्ध है। 60 वेंटीलेटर दीनदयाल अस्पताल में ही उपलब्ध हैं। जरूरत हुई तो नए वेंटीलेटर भी खरीदे जाएंगे। सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। अभी सरकार ने कोरोना के लिए कोई नहीं दवा को अनुमति नहीं दी है। निर्देश मिलते ही जरूरत की दवा खरीद ली जाएगी।

सीएमओ की अपील

कोरोना की तीसरी लहर से मुकाबला करने के लिए सीएमओ ने जनसमुदाय व समूहों से भी सतर्क, सजग और सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस समय कोरोना को रोकने के लिए टीकाकरण सबसे कारगर उपाय है। इसलिए हमें तेजी से टीकाकरण कराना होगा। लोगों से अपील है कि वे स्वयं तो टीका लगवाए हीं, अन्य लोगों को भी केंद्रों पर जाने के लिए प्रेरित करें। सामाजिक संगठन भी लोगों को टीकाकरण, मास्क का इस्तेमाल व शारीरिक दूरी के प्रति जागरूक करने की मुहिम चलाएं।

Edited By: Anil Kushwaha