अलीगढ़, जागरण संवाददाता। पश्चिम बंगाल की सीआइडी टीम के साथ हाथापाई करने के मामले में सीओ द्वितीय जांच कर रहे हैं। अभी तक की जांच में कोई निष्कर्ष तो नहीं निकला है। लेकिन, सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। सीओ ने आधा दर्जन से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। अभी कुछ और लोगों के बयान दर्ज होने हैं, जिसके बाद ही पुलिस किसी नतीजे पर पहुंचेगी।

यह है मामला

वर्ष 2017 में पश्चिम बंगाल के वीरभूमि जिले में जलूस निकाल रहे हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं व हनुमान भक्तों पर लाठीचार्ज हुआ था। इसके विरोध में गांधीपार्क क्षेत्र के गांधीनगर निवासी भाजपा युवा मोर्चा नेता योगेश वार्ष्णेय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सिर कलम करने वाले को 11 लाख का इनाम देने का एलान किया था। विवादित बयान को लेकर वीरभूमि जिले के बोधपुर थाने में टीएमसी के एक नेता ने वहां मुकदमा दर्ज कराया था। योगेश के खिलाफ कुल तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे। इस मामले में शुक्रवार की देर शाम पश्चिम बंगाल की सीआइडी टीम अलीगढ़ आई और थाना गांधीपार्क के दारोगा संदीप कुमार के साथ योगेश के घर पहुंची। आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने घर की तलाशी लेते हुए स्वजन के साथ धक्का मुक्की शुरू कर दी।

लोगों ने पुलिस टीम को घेर लिया और मारपीट कर दी

अभद्रता का भी आरोप है। ऐसे में लोगों ने पुलिस टीम को घेर लिया और मारपीट कर दी। इधर, मामला बढ़ने पर तमाम भाजपाई भी आ गए। जैसे-तैसे पुलिस फोर्स ने टीम को सुरक्षित निकाला और थाने ले आई। इस मामले सच्चाई जानने के लिए एसएसपी ने सीओ द्वितीय को जांच सौपी है। सीओ द्वितीय मोहसिन खान ने बताया कि अभी कुछ सामने नहीं आया है। कुछ लोगों के बयान लिए गए हैं। एक-दो दिन के अंदर सब स्पष्ट हो जाएगा।