अलीगढ़,जेएनएन। कोरोना संकट के चलते पिछले डेढ़ साल से स्कूल-कालेज व अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। इससे स्टेशनरी, ड्रेस, बैग, टाई-बेल्ट कारोबार पस्त है। हजारों लोगों की रोजी रोटी पर संकट है। प्रिटिंग प्रेस से जुड़े कारोबारियों की मशीनों के पहिया थमे हुए हैं। इस व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों का कहना है, जब महामारी के बीच चुनावी सभाएं हो सकती हैं। होटल रेस्टोरेंट में दावतों का दौर चल रहा है। सिनेमा घर व माल खोल दिए गए हैं, फिर शैक्षणिक संस्थानों को खोलने से परहेज आखिर क्यों। कोविड की पाबंदियों के बीच स्कूलों को खोला जाए।

शैक्षणिक संस्‍थान खोलने की मांग

यूनिफार्म टाईबेल्ट एसोसिएशन ने शैक्षणिक संस्थानों को सावधानियों के साथ खोलने की मांग की है। इस संबंध में सीएम को ई मेल से ज्ञापन भी दिए। एसोसिएशन के अध्यक्ष धनपाल शर्मा का कहना है कि छात्र-छात्राओं की टाई-बेल्ट मैन्युफैक्चरिंग का अलीगढ़ हब है। यहां से अलीगढ़ मंडल के अलावा बहजोई, बबराला व हरियाणा सीमा के कस्बों तक इसकी सप्लाई होती है। पांच हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजी रोटी से जुड़े थे। सरकारी व निजी शैक्षणिक संस्थानों में इनकी सप्लाई होती है। पांच करोड़ से अधिक का सालाना कारोबार था। जो इन दिनों बंद है।

केबीएनसीएल, राकेश कापी हाउस, दाऊजी स्टेशनर, नवमन प्रकाश, भारत प्रकाशन सहित अलीगढ़ में आधा दर्जन बड़े नाम है। जिनकी सप्लाई प्रदेश के साथ आसपास के राज्यों में होती है। लाकडाउन के चलते इनका कारोबार ठप है। स्कूल कालेज बंद हैं। प्रिटिंग कारोबार से जुड़े मनोज अग्रवाल का कहना है कि बाजार में शैक्षणिक संस्थानों व स्कूली बच्चों से जुड़े कारोबर तबाह हो चुके हैं। पाबंदियों के साथ सिनेमा घर खुल सकते है, तो कड़ी शर्तों के साथ स्कूल खोले जाएं। ताकि हजारों लोगों को राेजगार मिल सकता है।

अलीगढ़ में पिछले 23 दिन से एक भी संक्रमण का केस नहीं मिला। यह सफलता प्रशासन की सजगता व योगी सरकार की निगरानी से मिली है। सिनेमा घर खुल सकते हैं, पार्क व स्टेडियम गुलजार होने लगे। तो शैक्षणिक संस्थानों को खोला जाए। शुरूआत उच्च शिक्षा से की जाए।

- पंकज वाष्र्णेय, व्यापारी

दौरान अलीगढ़ व्यापारी संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक अनिल सेंचुरी व मनीष अग्रवाल वूल, साथ हैं हरिकिशन अग्रवाल, अन्नू बीड़ी, सचिन अग्रवाल, पवन मोरनी, संजीव अग्रवाल, मनीष गुप्ता : जागरण