अलीगढ़ : थाना बरला के गांव टिकटा में सगे भाई ने अपने दो साथियों संग मिलकर जंगल में ले जाकर बहन की गला दबाकर हत्या कर दी। शव को आग के हवाले कर दिया। फिर गांव के ही तीन युवकों के खिलाफ बहन के अपहरण का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने बड़ी सूझबूझ ने जांच पड़ताल शुरू की तो मामला कुछ और ही निकला। बहन का हत्यारा भाई ही निकला। कड़ाई से की पूछताछ में उसने सबकुछ उगल दिया। गला दबाकर हत्या कर शव जलाने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने राख व कुछ जले हुए कपड़े बरामद कर आरोपित भाई को जेल भेज दिया है। इसमें शामिल दो लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

थाना बरला के गांव टिकटा निवासी नाजिम ने पांच सितंबर को थाने में दी तहरीर में कहा कि इमरान, फुरकान पुत्रगण अच्छन व साकिर पुत्र अली मोहम्मद निवासी क्वार्सी अलीगढ़ मेरी बहन लाड़ो को जबरन गाड़ी में डालकर अपहरण कर ले गए हैं। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज कर लिया।

थानाध्यक्ष उमेश चंद्र शर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लिया और खुद ही जांच पड़ताल में लग गए। वहीं मुखबिर का जाल बिछाया तो मामला कुछ और ही निकला। एसओ ने बताया कि जांच में निकलकर आया कि युवती की हत्या उसके परिजनों ने ही की है। रंजिशन निर्दोष लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया है। थानाध्यक्ष ने युवती के भाई नाजिम को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया कि उसकी बहन लाड़ो गांव अरनी निवासी इमरान से प्यार करती थी। उसके साथ भाग जाने की फिराक में थी। इसलिए मैंने और मेरे मामा इलियास पुत्र लूखा निवासी बाईंकला थाना छर्रा, आकिब पुत्र नईमुद्दीन निवासी टिकटा थाना बरला के साथ मिलकर बहन की गला दबाकर हत्या कर दी। शव को जंगल में ले जाकर आग के हवाले कर दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने मौके से युवती के शव की राख व जले कपड़े बरामद किए हैं। हत्या के आरोपित भाई को पुलिस ने जेल भेज दिया है। वहीं फरार दो हत्यारोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इस मामले में सीओ सुमन कनौजिया ने बताया कि युवती के भाई ने तीन लोगों के खिलाफ अपहरण की झूठी रिपोर्ट कराई थी। पुलिस की कहानी में कुछ झोल शुरू से ही नजर आ रहा था, जिसका पर्दाफाश करते हुए आरोपित को जेल भेज दिया है। दो लोगों की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई गई है।

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