अलीगढ़, जेएनएन । कोरोना संक्रमित काल में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिनका आक्सीजन लेवल कम है। डाक्टर तमाम मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन लिख रहे हैं, जिसकी उपलब्धता बाजार में नहीं है। शुक्रवार को भी मरीज दवा का पर्चा लेकर औषधि निरीक्षक व सीएमओ दफ्तर के चक्कर काटते रहे। चिंता की बात ये है कि जवाबदेही से बचने के लिए अधिकारी अब फोन तक नहीं उठा रहे हैं। ऐसे में मरीज और तीमारदार करें तो क्या करेें?

80-100 इंजेक्शन की मांग, उपलब्धता 20-30

तमाम दावों के बावजूद मरीजों को आवश्यकता अनुसार रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा। इनमें कुछ को पहले इंजेक्शन की जरूरत है तो किसी को दूसरे-तीसरे की। सभी लोग परेशान हैं। थोक विक्रेता कंपनियों को आर्डर कर रहे हैं, मगर वहां से निराशा हाथ लग रही है। रेमडेसिविर की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने नई व्यवस्था की है। इसमें मरीज दवा का पर्चा लेकर सीएमओ दफ्तर जाएगा, वहां पर फार्म भरेगा। आधार कार्ड की फोटो स्टेट लगाकर फार्म को जमा करेगा। जैसे ही बाजार में किसी थोक विक्रेता के यहां इंजेक्शन प्राप्त होंगे, पहले से फार्म भर चुके लोगों को उसके पास भेज दिया जाएगा। 40-50 से ज्यादा लोग सीएमओ कार्यालय में ही वेङ्क्षटग में हैं। शुक्रवार को सुबह से ही रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए मरीजों के तीमारदार सीएमओ दफ्तर में भटकते हुए दिखाई दिए। काफी भीड़ जुट गई। पता चला है कि केवल 12 ही इंजेक्शन आए थे, जो जरूरतमंदों को दिला दिए गए। हालांकि, इसमें खास लोगों को तवज्जो दी गई।

इनका कहना है

मेरे मौसा चार-पांच दिन से जीवन ज्योति हास्पिटल में भर्ती हैं। सांस लेने में तकलीफ है। डाक्टर ने रेमडेसिविर इंजेक्शन लिख दिया है। काफी प्रयास के बाद भी इंजेक्शन नहीं मिला। सीएमओ कार्यालय आया हूं। फार्म भरकर दे दिया है। पता नहीं कब इंजेक्शन मिलेगा।

योगेश, अलीगढ़

...

मेरी मां वरुण हास्पिटल में भर्ती हैं। उन्हें भी रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत है। डाक्टर ने पर्चा लिखकर हमें दे दिया है। हर जगह भटक लिए कहीं पर इंजेक्शन नहीं मिला। अब सीएमओ दफ्तर आया हूं। यहां से भी कोई जवाब नहीं मिल रहा। क्या करूं, समझ से बाहर है।

रोहित कुमार, कासिमपुर पावर हाउस

...

जिन मरीजों को रेमडेसिविर की ज्यादा जरूरत है, उन्हें पहले उपलब्ध कराने का प्रयास रहता है। कंपनी से इंजेक्शन की सप्लाई नहीं हो रही है। डाक्टर अन्य विकल्प पर विचार कर सकते हैं। परिस्थिति को समझें, हर मरीज को रेमडेसिविर न लिखें।

डा. बीपीएस कल्याणी, सीएमओ

Edited By: Anil Kushwaha