अलीगढ़, जेएनएन। भाजपा ने विधानसभा चुनाव को लेकर सांसदों को जिम्मेदारी दी है। सांसदों को विधानसभा क्षेत्र में रहने और संपर्क करने को कहा गया है। ऐसे में सांसदों की अग्नि परीक्षा होगी। क्योंकि जिले में सात विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें से पांच विधानसभा क्षेत्र अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम के अंतर्गत आती हैं, जबकि दो विधानसभा क्षेत्र हाथरस सांसद राजवीर दिलेर के अंतर्गत हैं। ऐसे में यह देखना होगा कि दोनों सांसद इस अग्नि परीक्षा में कितने खरे उतरते हैं।

यह है पेचीदा समस्‍या

अभी हाल में लखनऊ में हुई बैठक में यह कहा गया था कि प्रदेश के सभी सांसदों को अपनी विधानसभा क्षेत्रों में संपर्क करना है। विधानसभा की जिम्मेदारी उनके ऊपर है। इसके बाद से प्रदेश में सांसद सक्रिय होने लगे हैं। यदि अलीगढ़ की स्थिति देखी जाए तो यहां दो सांसदों का क्षेत्र है। अलीगढ़ में पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। अतरौली, बरौली, शहर, कोल और खैर हैं। ये सांसद सतीश गौतम के अंतर्गत में आती हैं, जिस प्रकार से प्रदेश नेतृत्व ने निर्देश दिया है उससे सांसद सतीश गौतम को विधानसभाओं में संपर्क तेज करना होगा। जनता से मिलना होगा, उनकी समस्याओं का निस्तारण करना होगा। उन्हें विश्वास दिलाना होगा कि भाजपा प्रदेश को आगे ले जा सकती है। क्योंकि कोरोना के बाद से जिस प्रकार से हालात पैदा हुए हैं, उसमें सबसे बड़ी समस्या लोगों के सामने रोजगार की है। तमाम लोगों के रोजगार बंद हो गए। तमाम ऐसे बड़े लोग हैं जिनके रोजगार की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे समय में संपर्क के दौरान सांसद सतीश गौतम के सामने यह समस्याएं आएंगी, उन्हें वह किस प्रकार से निपटाते हैं और लोगों को कैसे संतुष्ट करते हैं यह आने वाला समय बताएगा।

सांसद की अग्‍निपरीक्षा

सांसद सतीश गौतम के लीज दोहरी अग्नि परीक्षा होगी। क्योंकि विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव के लिए बहुत अधिक समय नहीं रह जाएगा। अधिकतम दो वर्ष का समय रहेगा। फिर उन्हें आगामी लोकसभा चुनाव में जुटना होगा। विधानसभा चुनाव में जितनी सीटें वो जीता पाएंगे, उसी से उनका आंकलन होगा। यदि हाथरस सांसद राजवीर दिलेर को देखा जाए तो इनके अंतर्गत दो विधानसभा क्षेत्र आते हैं। छर्रा और इगलास है। इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में हाथरस सांसद राजवीर दिलेर को संपर्क करना होगा। जनता से मिलना होगा और पार्टी की नीतियों से उन्हें अवगत कराना होगा। हालांकि, राजवीर दिलेर का दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कितना दबदबा है, वह आने वाला वक्त बताएगा, उन्हें भी इस अग्नि परीक्षा से गुजरना होगा। क्योंकि उनके लिए भी आगामी लोकसभा चुनाव बहुत आसान नहीं होने वाली है।

दोहरी होगी जिम्मेदारी

भाजपा ने सांसदों को दोहरी जिम्मेदारी दी है। एक तो उनके लिए विधानसभा सीटें जितवानी होगीं। दूसरी आगामी लोकसभा की तैयारियों को ध्यान में रखकर काम करना होगा । यह दोनों जिम्मेदारियां जिले के दोनों सांसद कैसे निभाते हैं यह आने वाला समय बताएगा।