अलीगढ़, जागरण संवाददाता। जिले में तेजी से बढ़ रहे डेंगू व बुखार ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्लेटलेट्स गिरते ही मरीज अस्पतालों में भर्ती होने के लिए पहुंच रहे हैं। इससे पं. दीनदयाल चिकित्सालय में 350 से अधिक मरीज भर्ती हो गए हैं, जबकि, संसाधन 100 बेड के उपलब्ध हैं। हालात ये हैं कि नए मरीजों को तभी भर्ती किया जा रहा है, जब कोई पुराना मरीज डिस्चार्ज होता है। यही स्थिति जिला अस्पताल की है। इसकी वजह मरीजों की संख्या बढ़ना तो है ही, साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर मरीजों को उपचार न मिलना भी है। बुखार के तमाम मरीजों को सीएचसी-पीएचसी पर भर्ती ही नहीं किया जा रहा।

ऐसे बिगड़ रही व्यवस्था

जिले में डेंगू व बुखार का प्रकोप शहर से लेकर देहात तक है, लेकिन सीएचएसी-पीएचसी पर सामान्य मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा। इससे दीनदयाल चिकित्सालय व मलखान सिंह जिला अस्पताल में तमाम ऐसे मरीज उपचार को पहुंच रहे हैं, जिन्हें सीएचसी-पीएचसी पर ही उपचार मिल सकता था।

कार्यालय में संबद्ध चिकित्सा अधीक्षक व स्टाफ

सीएचसी पर डेंगू व बुखार के मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाने की जरूरत है, वहीं सीएमओ ने कई चिकित्सा अधीक्षकों व स्टाफ को मुख्यालय पर संबद्ध कर रखा है। वे केवल कागजों में ही अधीक्षक हैं।

अधिकारी भी हुए नाराज, दिए कड़े निर्देश

सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने सीएमओ व चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए कि दीनदयाल अस्पताल में अब जगह नहीं। सभी चिकित्सा अधीक्षक अपनी सीएचसी का संचालन शुरू कर दें। पहले रोगी को वहीं भर्ती करें। आपातकालीन स्थिति में जिला मुख्यालय रेफर करना पड़े तो पहले सीएमअो या संबंधित सीएमएस से परामर्श करेंगे। अनावश्यक मरीज रेफर किए जाने की बात सामने आई तो कार्रवाई की जाएगी। एडी हेल्थ डा. एसके उपाध्याय ने भी वर्तमान हालात की समीक्षा के बाद सीएमअो को पत्र लिखकर कड़ी नाराजगी प्रकट की है। कहा है कि जिला स्तरीय अस्पतालों में मरीज रेफर करने व यहां बेड उपलब्ध न होने के कारण अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो रही है। जबकि,सभी सीएचसी पर 30 बेड व पीएचसी पर चार बेड स्वीकृत हैं। बेड संख्या बढ़ाई भी जा सकती है, लेकिन उनका उपयोग नहीं किया जा रहा है। वहां तुरंत मरीज भर्ती करना सुनिश्चित करें। स्वयं इकाईवार भर्ती मरीज, बेड व रिक्त बेड की स्थिति की समीक्षा कर अवगत कराएं।

सभी सीएचसी पर मरीजों को भर्ती की सुविधा तत्काल शुरू कर दी गई है। दीनदयाल अस्पताल में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी। निजी डाक्टरों से अपील है कि वे मरीजों की जांच, फीस, बेड व उपचार पर औसत शुल्क ही लें।

- डा. आनंद उपाध्याय, सीएमओ